मानसिक रोगियों के इलाज की दिशा में कदम
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देश में मेंटल हेल्थ की बढ़ती समस्याएं
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में उठाए गए इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2026 में, मेंटल हेल्थ को एक बड़ी समस्या बताया गया, जो भारत की पब्लिक हेल्थ के लिए एक सीधी चुनौती है।
- इकोनॉमिक सर्वे में 15-24 साल के आयु वाले लोगों में सोशल मीडिया की लत होने की बात भी कही गई है।
- अध्ययनों का हवाला देते हुए, सर्वे में एंग्जायटी, डिप्रेशन, लो सेल्फ-एस्टीम और साइबरबुलिंग से जुड़े स्ट्रेस में बढ़ोतरी देखी गई।
- इसमें कहा गया कि स्क्रीन टाइम बढ़ने से पढ़ाई-लिखाई, प्रोडक्टिविटी और नींद पर असर पड़ रहा है, और सोशल कनेक्शन भी कम हो रहे हैं।
देश में जिस तेजी से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उसकी तुलना में साइकेट्रिस्ट और मेंटल हेल्थ के लिए हॉस्पिटल्स में जिस तरह की कमी है, इस खाई को भरने की दिशा में सरकार के इस फैसले को विशेषज्ञ काफी बेहतर मानते हैं।