फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Type-2 Dengue: चार दिनों में ही 300 से अधिक लोग संक्रमित, गंभीर हो सकते हैं इस स्ट्रेन के लक्षण, ऐसे करें बचाव

Thu, 06 Jul 2023 12:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डेंगू के मामले और जोखिम - फोटो : iStock
जुलाई-अक्तूबर के महीनों में हर साल देशभर में मच्छर जनित बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया के कारण हजारों लोग संक्रमित होते हैं, कुछ लोगों में ये रोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बनते हैं। हालिया रिपोर्टस में एक बार फिर इसके जोखिमों को लेकर अलर्ट किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में टाइप-2 डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, चार-पांच दिनों के भीतर 300 से अधिक लोगों में रोग की पुष्टि जबकि 5 से अधिक की इसके कारण मौत भी हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा की गई जानकारियों के अनुसार राज्य में 138 डेंगू हॉटस्पॉट की पहचान की है। स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ के.जे. रीना ने बताया कि केरल में टाइप 1, 2 और 4 डेंगू वायरस की पहचान की गई है। सबसे ज्यादा मामले टाइप-2 वायरस के सामने आए हैं। यह गंभीर रोगों का कारण भी हो सकता है, इसलिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
डेंगू संक्रमण का जोखिम - फोटो : istock
सामान्य डेंगू से गंभीर हो सकते हैं इस स्ट्रेन के मामले

डेंगू के मामले कुछ स्थितियों में जैसे कमजोर इम्युनिटी, कोमोरबिडीटी के शिकार लोगों के लिए गंभीर हो सकते हैं। टाइप-2 डेंगू को DENV2 के नाम से भी जाना जाता है, ये सामान्य डेंगू के संक्रमण से अधिक गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। 

एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने से होने वाले इस रोग में आमतौर पर मतली-उल्टी, शरीर में दर्द, गले में खराश, आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। DENV-2 का यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर (डीएचएफ) और डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) जैसी घातक जटिलताओं का कारण भी बन सकता है। 
विज्ञापन

3 of 5
डेंगू बुखार के मामले - फोटो : istock
DENV-2 के जोखिम और इसकी गंभीरता

डेंगू को मुख्यरूप से चार अलग-अलग सीरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) वाला माना जाता है। इसके DENV-2 के मामलों ने पिछले साल भी लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि DENV-2 अधिक गंभीर रोगों का कारण बनता दिख रहा है। इसके शिकार ज्यादातर रोगी तेज बुखार के साथ उल्टी, जोड़ों का दर्द की शिकायत करते हैं। अगर आप पहले भी डेंग के किसी सीरोटाइप से संक्रमित रह चुके हैं, फिर भी DENV-2 और इसके कारण गंभीर रोग विकसित होने का खतरा हो सकता है।

4 of 5
डेंगू के स्ट्रेन्स का खतरा - फोटो : iStock
आसानी से फैलता है DENV-2 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया DENV-2, अन्य तीनों सीरोटाइप की तुलना में अधिक आसानी से फैलता है और इसमें रक्तस्रावी बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम होने की आशंका भी अधिक देखी जाती है। अमर उजाला से बातचीत में ग्रेटर नोएडा स्थित अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में डेंगू के मामले अभी कंट्रोल में हैं। कुछ मरीज जरूर देखे गए हैं, पर उनमें रिकवरी आसानी से हो गई है। हालांकि सभी लोगों को डेंगू के जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है, मच्छर जनित रोगों से बचाव करना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेंगू से बचाव के लिए करें उपाय - फोटो : Istock
डेंगू से बचाव के करें उपाय

डॉ. श्रेय कहते हैं, एहतियातन सभी लोगों को डेंगू से बचाव के लिए उपाय करते रहना चाहिए। मच्छरों से बचाव के साथ इम्युनिटी को मजबूत बनाने के लिए प्रयास करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, जलजमाव न होने दें और रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। यदि आपको बुखार होता है तो शरीर को आराम दें, हाइड्रेशन का पूरा ध्यान रखें और हल्के मामलों में पेरासिटामोल लेना बहुत महत्वपूर्ण है।

बुखार अगर दो-तीन दिनों से अधिक बना रहता है तो डॉक्टर से मिलकर जांच जरूर कराएं। 




----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें