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सेहत की बात: ब्लैक-टी के वैसे तो कई फायदे, पर यह किडनी के लिए हो सकती है हानिकारक, बरतें सावधानी

Thu, 06 Jul 2023 10:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लैक टी के फायदे और नुकसान - फोटो : Pixabay
चाय पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक? लंबे समय से इस विषय पर चर्चा होती रही है। कुछ शोध बताते हैं, अगर संयमित मात्रा में चाय का सेवन किया जाता है तो इससे कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। विशेषतौर पर शोधकर्ताओं ने सेहत के लिए ब्लैक टी को अधिक फायदेमंद पाया है। ब्लैक टी, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है और हृदय से लेकर आंत और डायबिटीज की समस्या तक में सुधार कर सकती है।

कोरोना महामारी के दौरान ब्लैक-टी काफी चर्चा में रही। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिल सकती है जो संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने में आपके लिए लाभकारी है।

पर कुछ हालिया रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि ब्लैक-टी का ज्यादा सेवन नहीं किया जाना चाहिए, इससे किडनी  की बीमारियों के बढ़ने का खतरा हो सकता है। इसका सेवन तभी तक सुरक्षित है जब तक आप कम मात्रा में इसे पीते हैं।
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ब्लैक टी के साइड इफेक्ट्स - फोटो : Pixabay
ब्लैक टी में कैफीन की मात्रा

डायबिटीज से लेकर हृदय की बीमारियों तक में ब्लैक-टी के सेवन को  लाभकारी पाया गया है,  तो यह किडनी के लिए किस प्रकार से नुकसानदायक है इसे समझने के लिए कई अध्ययन किए गए। अध्ययनों में इसके मिले-जुले परिणाम देखे गए। शोधकर्ताओं ने पाया कि चाय और कॉफी में कैफीन प्राथमिक घटक है जो किडनी पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव डाल सकता है।

अध्ययनों से पता चला है कि कैफीन, वैसे तो किडनी के लिए लाभकारी है क्योंकि इसमें मूत्रवर्धक प्रभाव होता है और यह ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (जीएफआर) में सुधार कर सकती है। जीएफआर के माध्यम से यह समझने की कोशिश की जाती है कि आपकी किडनी कितने अच्छे तरीके से काम कर रही है?
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ब्लैक टी में कैफीन की मात्रा - फोटो : istock
कैफीन के दुष्प्रभाव भी

कैफीन एक तरफ जहां किडनी के लिए फायदेमंद प्रभावों वाली मानी जाती है वहीं इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। कैफीन आपके ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कैफीन की अधिकता सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप दोनों प्रकार के ब्लड प्रेशर में वृद्धि कर सकती है। चूंकि हाई ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारी का प्रमुख जोखिम कारक है इसलिए कैफीन की अधिकता वाली चीजों से किडनी की समस्याएं बढ़ने का खतरा हो सकता है।

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ब्लैक टी से किडनी पर असर - फोटो : iStock
ऑक्सलेट के कारण इसके नुकसान

ब्लैक-टी को किडनी के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक इसमें पाए जाने वाली ऑक्सलेट की मात्रा के कारण माना जाता है। इसमें घुलनशील ऑक्सालेट की उच्च सांद्रता होती है। ये ऑक्सालेट कैल्शियम से जुड़ते हैं और क्रिस्टल बना सकते हैं जिससे किडनी में पथरी होने का खतरा रहता है। यही कारण है कि ब्लैक टी के अधिक सेवन से किडनी स्टोन होने का खतरा माना जाता है। 
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ब्लैक टी का सीमित मात्रा में ही करें सेवन - फोटो : Pixabay
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लैक-टी को वैसे तो अध्ययनों में सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी पाया गया है। हृदय रोग, विशेषकर कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड शुगर को  कंट्रोल करने में इसके लाभ हैं, पर इसका कम मात्रा में ही सेवन किया जाना फायदेमंद माना जाता है। ब्लैक-टी की अधिकता किडनी के लिए समस्याकारक हो सकती है। एक दिन में दो कप से अधिक मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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