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Omicron Variant: दो तिहाई संक्रमितों को पहले रह चुकी है ऐसी दिक्कत, अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा

Sun, 30 Jan 2022 01:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण के मामले - फोटो : Pixabay
भारत सहित दुनियाभर में इस समय कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण जारी है। अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिएंट में 35 से अधिक म्यूटेशनों के बारे में पता चलता है जो इसे काफी अधिक संक्रामक बनाती हैं, यही कारण है जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है उनको भी संक्रमित पाया जा रहा है। ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर हुए अब तक के अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने इसके तमाम तरह के जोखिम कारकों के बारे में पता लगाया है। इसी से संबंधित हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने संक्रमण के जोखिम को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है।

इम्पीरियल कॉलेज लंदन के रिएक्ट अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा सभी लोगों के लिए बरकरार है। संक्रमितों पर किए गए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि दो तिहाई या करीब 66 फीसदी लोग पहले भी कोरोना के किसी वैरिएंट से संक्रमित रह चुके हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग पहले भी कोरोना से संक्रमित रह चुके हैं उनमें ओमिक्रॉन संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। अध्ययन में संक्रमण को लेकर कई और महत्वपूर्ण बातों का पता चला है, आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में जानते हैं। 
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पहले भी संक्रमित रह चुके हैं ज्यादातर ओमिक्रॉन के मरीज - फोटो : iStock
66 फीसदी लोग पहले भी रह चुके हैं संक्रमित
ओमिक्रॉन के संक्रमण जोखिम कारकों को जानने के लिए 5 से 20 जनवरी के बीच इंग्लैंड में एकत्र किए गए एक लाख से अधिक पीसीआर परीक्षणों का अध्ययन किया गया। इसके आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि लगभग 66% प्रतिभागी पहले भी वायरस से संक्रमित रह चुके थे। इसके अलावा 7.5 फीसदी संक्रमित प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें पहले लगता था कि वह वायरस से संक्रमित हैं लेकिन परीक्षण में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। इस आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले से कोरोना संक्रमित रह चुके लोगों को ओमिक्रॉन संक्रमण को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 
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कोरोना के रिइंफेक्शन का खतरा - फोटो : iStock
कोरोना के रिइंफेक्शन का खतरा
अध्ययन के लेखकों ने जारी एक पेपर में बताया कि ओमिक्रॉन संक्रमण ने इंग्लैंड सहित दुनिया के तमाम हिस्सों को गंभीर तौर पर प्रभावित किया है। इतना ही नहीं बहुत ही कम समय में इस वैरिएंट ने डेल्टा को लगभग रिप्लेस कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन लोगों को कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट का संक्रमण हो चुका है उन्हें ओमिक्रॉन का खतरा अधिक हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के रिइंफेक्शन को लेकर भी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूरी - फोटो : PTI
वैक्सीनेशन सभी के लिए बहुत आवश्यक
दुनियाभर के विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण अब तक कोरोनावायरस के खिलाफ सबसे अच्छा हथियार है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि टीकाकरण आपको ओमिक्रॉन के कारण होने वाली गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है। अध्ययनों में पाया गया है कि वैक्सीन की बूस्टर डोज देकर लोगों को ओमिक्रॉन जैसे संक्रामक वैरिएंट्स से सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। 
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संक्रमण के जोखिम को लेकर रहें सावधान - फोटो : PTI
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष
अध्ययन के निष्कर्ष में विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के रिइंफेक्शन का खतरा बरकरार है, इसे हम कोविड में बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं कर सकते, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो। यहां तक कि अगर हाल ही में आप ओमिक्रॉन संक्रमण से ठीक हुए हैं और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन नहीं कर रहे हैं तो ऐसे लोगों में भी रिइंफेक्शन का खतरा हो सकता है। कोरोना से बचाव के उपायों को तब तक प्रयोग में लाते रहने की आवश्यकता है, जब तक पूरी तरह से कोरोना का वायरस अप्रभावी नहीं हो जाता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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