फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

TCS: इस अजीब बीमारी के कारण नवजात को माता-पिता ने अपनाने से किया इनकार, आपके बच्चे को भी हो सकती है ये दिक्कत

Thu, 18 Aug 2022 07:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
जोनो लैंसेस्टर को ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम की समस्या - फोटो : Twitter
एक मशहूर ब्रिटिश मॉडल हैं, नाम है-जोनाथन लेनसेस्टर। वह मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और अपनी बातों और अनुभवों को साझा कर लोगों को कठिन परिस्थितियों से मुकाबला करने के लिए प्ररित करते हैं। हालांकि हाल ही में जोनाथन ने एक सेशन के दौरान अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों के होश उड़ गए। सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई प्रकार की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।

असल में जोनाथन के माता-पिता ने जन्म के समय उनके चेहरे की अजीब बनावट की वजह से उन्हें छोड़ दिया था। जोनाथन को जन्मजात ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम नामक एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें चेहरे या सिर की बनावट अजीब सी होती है। 

असामान्य दिखने के कारण जब जोनाथन के माता-पिता ने छोड़ दिया तो एक महिला ने उन्हें गोद लिया। बाद में साल 2009 में जोनाथन ने दोबारा अपने जैविक माता-पिता से संपर्क करना चाहा पर उन लोगों ने जोनाथन से कोई भी संबंध रखने से साफ मना कर दिया। आइए जानते हैं कि ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम क्या समस्या है और यह क्यों होता है?
विज्ञापन

2 of 5
ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम की समस्या - फोटो : istock
ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम के बारे में जानिए

ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम (टीसीएस) एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है जिसमें बच्चे के सिर और चेहरे विकृत तरीके के हो जाते हैं। इसमें जन्म से ही बच्चे के चिकबोन्स, जबड़े, तालु और मुंह अविकसित रह सकता है। इस स्थिति के कारण सांस लेने और खाने तक में कठिनाई हो सकती है। गंभीर मामलों में, चेहरे की हड्डियों के अविकसित होने के कारण शिशु का वायुमार्ग भी अवरुद्ध हो सकता है, इस तरह की स्थिति जानलेवा समस्याओं का कारण हो सकती है।

चेहरे के जिस हिस्से में असमानता अधिक होती है उससे संबंधित गंभीर दिक्कतों के विकसित होने का खतरा भी अधिक होता है। 50 हजार में से करीब एक बच्चे में यह गंभीर समस्या हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम में चेहरे की बनावट - फोटो : istock
क्यों होती है यह समस्या?

अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार के जीन में म्यूटेशन के कारण ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम का खतरा हो सकता है। इसमें TCOF1 जीन उत्परिवर्तन, इस विकार का सबसे आम कारण है, जो इस तरह के 90 फीसदी से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार पाया गया है। इन जीन से उत्पादित प्रोटीन हड्डियों और चेहरे के अन्य ऊतकों के शुरुआती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि कुछ आरआरएनए की मात्रा में कमी चेहरे की हड्डियों और ऊतकों के विकास में शामिल कोशिकाओं को प्रभावित कर इस तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। 

4 of 5
चेहरे की बनावट की समस्या - फोटो : istock
ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम के क्या लक्षण हैं?

टीसीएस के शारीरिक लक्षण हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ में यह बहुत हल्के होते हैं जो सामान्यतौर पर दिखाई नहीं देते हैं जबकि कुछ में यह स्थिति गंभीर हो सकती है। 
  • चेहरे का सपाट या धंसा हुआ दिखना।
  • चिकबोन्स का बहत छोटा होना।
  • आंखों का झुका होना या पलकें न होना।
  • तालु की समस्या, इसका विकसित न होना। 
  • वायुमार्ग की असामान्य समस्याएं।
  • कान का सामान्य से बहुत छोटा या बिल्कुल न के बराबर होना। 
  • कान के सामने त्वचा की वृद्धि।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जन्मजात चेहरे के विकारों की समस्या - फोटो : Pixabay
आपके बच्चे को भी हो सकता है ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक यह समस्या किसी भी बच्चे में हो सकती है, लेकिन इसका अंदाजा जन्म के बाद ही लगाया जा सकता है। यदि बच्चे में जन्म के समय डॉक्टर को किसी भी तरह की असमानता दिखती है तो वह इसकी जांच के लिए एक्स-रे या अन्य परीक्षण करा सकते हैं। जेनेटिक टेस्ट के माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि आपके बच्चे के टीसीएस के क्या कारण हैं।

टीसीएस के उपचार के लिए कुछ प्रकार की सर्जरी की आवश्यकता होती है जिससे इन असमानताओं को ठीक किया जा सके। जिन बच्चों का वायुमार्ग प्रभावित होता है उन्हें आपात सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है। 


---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें