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Tonsillitis: गले में ऐसा दर्द माना जाता है टॉन्सिल का संकेत, इसे अनदेखा न करें वरना हो सकती है बड़ी मुसीबत

Sun, 21 Aug 2022 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टाॅन्सिल की समस्या को न लें हल्के में - फोटो : Istock
गले में होने वाली कोई भी समस्या काफी असहज कर देने वाली हो सकती है। टॉन्सिलाइटिस भी ऐसी ही काफी सामान्य सी समस्या है जिसने आपको भी कभी न कभी जरूर परेशान किया होगा। टॉन्सिलाइटिस, गले में पिछले हिस्से में मौजूद दो अंडाकार ऊतकों में होने वाली सूजन की स्थिति है। टॉन्सिल का मुख्य कार्य सांस के माध्यम से आने वाले बैक्टीरिया या वायरस को रोकना होता है। टॉन्सिल में मौजूद एंटीबॉडीज गले और फेफड़ों के संक्रमण को रोकने में मदद करती हैं। हालांकि कुछ स्थितियों में इनमें सूजन आ जाती है जिसके कारण खाना-पीना तक काफी कठिन हो जाता है। बच्चों में यह समस्या बहुत आम होती है।

टॉन्सिल में होने वाली सूजन के कारण गले में खराश, निगलने में कठिनाई, दर्द और बुखार हो सकता है। वैसे तो यह समस्या किसी को भी हो सकती है, हालांकि बच्चों और किशोरों में यह दिक्कत अधिक देखी जाती है।

यदि आपको बार-बार टॉन्सिलाइटिस की समस्या होती रहती है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से मिलकर स्थिति का सही निदान करना बहुत आवश्यक हो जाता है। आइए टॉन्सिलाइटिस की समस्या के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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टॉन्सिलाइटिस की समस्या वायरस या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है। - फोटो : iStock
क्यों होती है टॉन्सिलाइटिस की दिक्कत?

मायोक्लीनिक की रिपोर्ट से पता चलता है कि वायरस या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण गले में मौजूद इन ऊतकों में सूजन आ सकती है। टॉन्सिलाइटिस का मुख्य कारण स्ट्रेप्टोकोकस पाइोजेन्स (समूह ए स्ट्रेप्टोकोकस) है नामक जीवाणु माना जाता है, यह स्ट्रेप थ्रोट समस्या का भी कारण बनता है। वैसे तो यह समस्या गंभीर नहीं होती है और सामान्य उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है, हालांकि यदि आपको बार-बार टॉन्सिलाइटिस की दिक्कत महसूस होती रहती है, तो इस बारे में विशेषज्ञ की राय ले लेना बहुत आवश्यक हो जाता है।
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निगलने में कठिनाई या दर्द की दिक्कत - फोटो : istock
टॉन्सिलाइटिस के क्या लक्षण होते हैं?

टॉन्सिलाइटिस की स्थिति गले में कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए। टॉन्सिलाइटिस की स्थिति में सामान्यतौर पर इस तरह की दिक्कतें महसूस हो सकती हैं। 
  • टॉन्सिल में सूजन और लालिमा।
  • टॉन्सिल पर सफेद या पीले रंग के धब्बे दिखना।
  • गला खराब होना।
  • निगलने में कठिनाई या दर्द।
  • बुखार और सिरदर्द।
  • सांसों की बदबू
  • पेट दर्द

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टॉन्सिलाइटिस से बचाव करना बहुत आवश्यक - फोटो : Pixabay
टॉन्सिलाइटिस से बचाव कैसे किया जाए?

टॉन्सिलाइटिस की स्थिति में सामान्य दवाओं से सूजन को ठीक किया जा सकता है। हालांकि अगर आपको इस तरह की दिक्कत अक्सर होती रहती है तो इससे बचाव करना बहुत आवश्यक हो जाता है। टॉन्सिलाइटिस से बचाव के लिए ओरल हाइजीन का ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है। इसके अलावा इन बातों को ध्यान में रखकर भी टॉन्सिलाइटिस से बचाव किया जा सकता है। 
  • अपने हाथों को को साफ रखें जिससे भोजन के माध्यम से गले में संक्रमण न होने पाए।
  • खाना, पानी का गिलास या बोतलें किसी के साथ साझा करने से बचें।
  • टॉन्सिलिटिस का निदान होने के बाद अपने टूथब्रश को बदलें।
  • बच्चों को बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण से बचाने के उपायों के बारे में बताएं। 
  • अगर आप टॉन्सिलाइटिस की स्थिति के प्रति अधिक संवेदनशील हैं तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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गले के दर्द को कम करने के तरीके - फोटो : iStock
टॉन्सिलाइटिस हो जाने पर क्या करें?

टॉन्सिलाइटिस की स्थिति में कुछ सामानय से घरेलू उपायों को प्रयोग में लाकर भी आराम पाया जा सकता है। 
  • गले के दर्द को कम करने के लिए बहुत ठंडे चीजों के सेवन से बचें।
  • अपने कमरे में कूल-मिस्ट वेपोराइज़र या ह्यूमिडिफ़ायर का उपयोग करें।
  • गर्म नमक के पानी से गरारे करें।
  • गले की सेकाई करने से भी सूजन और दर्द में आराम मिल सकता है। 
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं के सेवन से बचें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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