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कोरोना से बचने को किसी ने खाने में ब्लीच मिलाया तो कोई पी गया सैनिटाइजर, सीडीसी के सर्वे में खुलासा

Tue, 09 Jun 2020 09:01 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ऑनलाइन सर्वे में कई तरह की चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में लोगों को इसकी वैक्सीन और दवा का इंतजार है। लोग इससे बचने को लेकर तमाम उपाय कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क का प्रयोग, हाइजीन मेंटेन करने जैसी आदतों से हम कोरोना से सुरक्षित रह सकते हैं। लेकिन इस संक्रमण काल में लोग कोरोना से बचने के लिए कुछ ऐसे घातक कदम उठा ले रहे हैं, जिनसे जान पर आफत हो सकती है। डॉक्टर तमाम तरह की अफवाहों से बचने और किसी भी तरह के गैरजरूरी उपाय नहीं अपनाने की सलाह देते हैं। अमेरिका में कई लोगों द्वारा खाद्य पदार्थों को ब्लीच से साफ करने और यहां तक कि खाने में ब्लीच मिलाने की बात भी सामने आई है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी की ओर से 500 से ज्यादा लोगों पर कराए गए एक ऑनलाइन सर्वे में कई तरह की चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। 
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कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सामग्री का सावधानी से इस्तेमाल करना जरूरी है - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
सेंटर फॉर रिसर्च एंड डीसीज कंट्रोल ने बीते महीने 502 लोगों पर एक ऑनलाइन सर्वे किया। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 19 फीसदी लोग न सिर्फ खाने में ब्लीच मिला रहे हैं, बल्कि खाद्य पदार्थों को ब्लीच से ही धो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा करना खतरनाक है। यह वायरस से बचाने की जगह कई तरह के वायरल संक्रमण की चपेट में धकेल सकता है।
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रूम क्लीनर कमरे की सफाई के लिए है शरीर की सफाई के लिए नहीं - फोटो : Pixabay
इस सर्वे रिपोर्ट के बारे में जानकर आश्चर्य होगा कि घर साफ करने वाले क्लीनर से लोग अपने शरीर के अंगों को भी डिसइंफेक्ट कर रहे हैं। सर्वे के दौरान कई लोगों ने क्लीनर को सूंघने की बात भी स्वीकार की है। सर्वे में शामिल 39 फीसदी लोगों ने माना कि उन्होंने कोरोना वायरस से बचने या उसकी संभावना खत्म करने के लिए साफ-सफाई के उत्पादों का गलत इस्तेमाल किया। 

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सफाई उत्पादों के गलत इस्तेमाल से नकारात्मक असर - फोटो : Social Media
लोगों पर नकारात्मक असर
  • सर्वे में शामिल लोगों के शरीर पर इन उत्पादों के गलत इस्तेमाल से नकारात्मक असर भी देखा गया है। कोरोना संक्रमण काल में लोगों के व्यवहार में आए इस तरह के बदलाव को लेकर शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्लीच, सैनिटाइजर और साफ-सफाई के अन्य क्लीनर वगैरह का इस्तेमाल सावधानी से होना चाहिए। ऐसी बेवकूफी भरी हरकत लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। 
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सैनिटाइजर - फोटो : Pexels
खुद पर छींटा कीटाणुनाशक
  • सर्वे में भाग लेने वाले 18 फीसदी लोगों ने अपनी त्वचा पर घरेलू क्लीनर लगाने की बात स्वीकार की। वहीं, 10 फीसदी वयस्कों ने कहा कि उन्होंने खुद पर कीटाणुनाशक स्प्रे भी छिड़क लिया। 
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शराब सेहत के लिए हानिकारक है - फोटो : Pexels.com
शराब में साबुन का पानी 
  • छह फीसदी लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने क्लीनर निगल लिया और इसके स्प्रे से भाप लेने की बात भी स्वीकारी।
  • चार फीसदी लोगों ने एल्कोहल आदि नशीले पदार्थों में साबुन का पानी, ब्लीच और अन्य कीटनाशक द्रव मिलाकर पीने की बात स्वीकार की। 
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सैनिटाइजर - फोटो : Pixabay
भारत में भी आईं ऐसी खबरें
  • कोरोना वायरस संक्रमण के चलते भय के माहौल में भारत के कई हिस्सों से सैनिटाइजर पी लेने की खबरें सामने आईं। लोगों ने शरीर से संक्रमण खत्म करने के लिए यह बेवकूफाना कदम उठाया। आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने इस बारे में स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि किसी भी तरह के ब्लीच, सैनिटाइजर या क्लीनर का इस्तेमाल शरीर पर न करें। 

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Room Cleaning - फोटो : Social media
खतरनाक है ब्लीच का असर
  • विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्लीच केवल ठोस सतहों पर इस्तेमाल करना चाहिए। यह नाजुक सतहों और यहां तक कि कपड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है। इसकी भाप भी खतरनाक है। इससे गले में दर्द और मुंह का स्वाद बिगड़ने की भी शिकायत हो सकती है। ठोस सतहों पर भी इसके इस्तेमाल के वक्त घर की खिड़कियां खुली रखने की सलाह दी जाती है। 
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सफाई करते समय दस्ताने वगैरह पहनना जरूरी - फोटो : Pixabay
आंखों में जलन से लेकर कैंसर तक का खतरा
  • क्लीनर से सफाई करते समय भी बहुत ध्यान रखने की जरूरत है। पेपर टॉवल को बेहतर विकल्प बताया गया है। कपड़ा या पोंछा इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें हर बार इस्तेमाल के बाद धोने और समय-समय पर बदलने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि क्लीनरों के गलत इस्तेमाल से आंखों में जलन, सिरदर्द के अलावा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी खतरा रहता है। आईसीएमआर ने इस बारे में भी चेताया है कि रूम क्लीनर या केमिकल से घर की सफाई करते समय सुरक्षा किट जैसे ग्लब्स यानी दस्ताने वगैरह पहनना जरूरी है। 
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