कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में यह तो शुरुआत से ही स्पष्ट हो चुका है कि यह एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति में फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकले ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है। इसके अलावा अगर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से निकले ये डॉपलेट्स टेबल, कुर्सी, कपड़े, स्टील, हैंडल, वॉश बेसिन आदि सतहों पर पड़े हों तो ऐसी सारी सतहों के संपर्क में आने पर कोरोना संक्रमण का खतरा रहता है। लेकिन क्या आपके मन में कभी ये सवाल उठा कि गंदे पानी में भी कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है? जैसे कि नाले या सीवेज के गंदे पानी में? इस संक्रामक बीमारी के बारे में गुजरात के गांधीनगर स्थित आईआईटी यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने एक शोध अध्ययन किया है।