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Sleep Tips: वैज्ञानिकों ने बताया सबसे कारगर तरीका, बस 10 मिनट में आ जाएगी नींद

Sun, 13 Feb 2022 07:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अच्छी नींद पाने के तरीके - फोटो : iStock
शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए स्वस्थ आहार और व्यायाम जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक है पर्याप्त आराम और नींद। अध्ययनों से पता चलता है कि रात में अच्छी नींद न ले पाने वाले लोगों को तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक होता है। हालांकि देखा गया है कि तनाव, चिंता सहित कई अन्य कारकों के चलते लोगों की नींद पिछले कुछ वर्षों में बहुत अधिक प्रभावित हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती है, उनमें चिड़चिड़ेपन, गुस्सा और कई अन्य तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का खतरा काफी अधिक बढ़ जाता है। 

क्या आप भी बिस्तर पर जाने के बाद कई घंटों तक नींद ले पाने में असमर्थता महसूस करते हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी नींद नहीं आती, और आती भी है तो बहुत जल्दी ही टूट जाती है? ऐसी स्थिति में किसी डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। इस बीच एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे उपाय के बारे में भी बताया है जिसको प्रयोग में लाकर आपकी यह समस्या दूर हो सकती है। इतनी ही नहीं यह तरीका आपको कुछ ही समय में नींद प्राप्त करने में भी मदद कर सकती है। आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में जानते हैं।
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बेहतर नींद के लिए क्या करना चाहिए? - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?
अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने तेजी से नींद प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका बताया है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि सोने से लगभग चार घंटे पहले कार्ब्स वाली चीजों का सेवन करना इसमें आपके लिए मदद कर सकती है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जो पुरुष सोने से पहले स्टार्चयुक्त कार्ब्स का सेवन करते हैं, उन्हें नींद प्राप्त करने में कोई दिक्कत नहीं होती है।
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रात में क्या खाना चाहिए? (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
हाई ग्लाइसेमिक कार्ब्स और नींद का संबंध
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि सोने से चार घंटे पहले जैसमिन राइस खाने वाले लोगों को बिस्तर पर जाते ही 8-10 मिनट के भीतर नींद आ जाती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन करने से भी नींद तेजी से आती है, जैसमिन राइस में यह भरपूर मात्रा में पाई जाती है। हाई ग्लाइसेमिक कार्ब्स, ट्रिप्टोफैन और सेरोटोनिन को बढ़ावा दे सकते हैं, यह दोनों रसायन तेजी से नींद प्राप्त करने में मददगार माने जाते हैं। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन ब्लड ग्लूकोज के स्तर को बढ़ा देता है, जोकि डायबिटीज रोगियों के लिए मुश्किलों का कारण बन सकता है। ऐसे रोगियों को इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। 

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अच्छी नींद के लिए क्या करना चाहिए? - फोटो : Pixabay
रात के समय क्या खाने से आती है अच्छी नींद
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि हाई ग्लाइसेमिक कार्ब्स का तेजी से ब्रेक डाउन होता है  जिससे ब्लड शुगर के स्तर में तेजी से वृद्धि होती है। सफ़ेद चावल, सफेद आलू और फ्राइज, तरबूज और अनानास जैसे फल, केक और कुकीज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी से नींद लाने में तो मददगार चीजें हैं लेकिन डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकती हैं। ऐसे में रोजाना इनका सेवन करना नुकसानदायक भी हो सकता है। अनिद्रा की समस्या दूर करने के अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। 
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नींद के लिए किन उपायों को प्रयोग में लाएं - फोटो : Pixabay
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन नींद लाने में तो मदद कर सकती हैं पर इसके दीर्घकालिक गंभीर नुकसान हो सकते हैं। ऐसे में सभी लोगों को इनपर निर्भर होने से ज्यादा अन्य विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए रात में गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें, नींद के अनुकूल माहौल बनाएं, सोने का समय निर्धारित करें और रात के समय हल्का भोजन करें। ऐसी आदतें अच्छी नींद में मददगार मानी जाती हैं।


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स्रोत और संदर्भ:
High-glycemic-index carbohydrate meals shorten sleep onset

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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