फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया: कोरोना काल में ऐसे रखें बच्चों का ख्याल, इस बीमारी को लेकर किया अलर्ट

Sat, 29 May 2021 02:27 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
बच्चों में कोरोना की समस्या - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण के मामले पिछले कुछ दिनों से कम होते दिख रहे हैं। अप्रैल में जहां रोजाना साढे़ तीन लाख से ज्यादा लोग संक्रमित पाए जा रहे थे वहीं अब यह आंकड़ा घटकर रोजाना दो लाख से कम हो गया है। इस बीच कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी लोगों में काफी डर का माहौल है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बच्चों की देखभाल को लेकर कुछ टिप्स साझा किए हैं। इसमें कोरोना के एसिम्टोमैटिक, हल्के और मध्यम लक्षणों वाले बच्चों की देखभाल कैसी की जाए, इस बारे में विस्तार से बताया गया है।
विज्ञापन

2 of 5
अधिकांश बच्चों में कोरोना के हल्के लक्षण - फोटो : Social media
बच्चों में इन लक्षणों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि कोविड से संक्रमित अधिकांश बच्चे एसिम्टोमेटिक या हल्के लक्षण हो सकते हैं। सामान्य लक्षणों में बच्चे को बुखार, खांसी, सांस फूलने/सांस लेने में तकलीफ, थकान, बदन दर्द, नाक बहना, गले में खराश, स्वाद या गंध न आने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ बच्चों को आंत से संबंधी परेशानियां (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) और अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।
 
विज्ञापन

3 of 5
बच्चों की सेहत का रखें विशेष ख्याल - फोटो : Pixabay
बच्चों में देखी जा रही यह समस्या
दिल्ली में  कोविड संक्रमित रह चुके अब तक 117 बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फलेमेटरी सिंड्रोम की शिकायत देखने को मिली है। स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट में इस समस्या के बारे में जिक्र करते हुए लोगों को सावधान किया है। इसमें बच्चों को कई तरह की परेशानी जैसे निरंतर 38 डिग्री सेल्सियस तक बुखार, सार्स सीओवी-2 से संबंधित मल्टी सिस्टम इन्फलेमेटरी की दिक्कतों के साथ सिंड्रोम के क्लीनिकल लक्षण देखे जा सकते हैं।

4 of 5
बच्चों में लक्षणों की करते रहें निगरानी - फोटो : iStock
मल्टी सिस्टम इन्फलेमेटरी सिंड्रोम क्या है?
बच्चों में मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन हो सकती है। हृदय, फेफड़े, गुर्दे, मस्तिष्क, त्वचा, आंखें में इस तरह के सूजन देखे जा सकते हैं।  बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, असामान्य रूप से थकान महसूस होने, दिल की धड़कन तेज होने, तेजी से सांस लेने, आंखों के लाल होने की समस्या को मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के लक्षणों के रूप में देखा जा रहा है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हल्के लक्षण वाले बच्चों का घर पर इलाज संभव - फोटो : iStock
लक्षण विहीन और हल्के लक्षण वाले बच्चों की देखभाल
स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट के माध्यम से बताया है कि जिन बच्चों में कोरोना के लक्षण न दिख रहे हों या हल्के लक्षण हों, उनका घर पर ही होम आइसोलेशन में उपचार किया जा सकता है। हल्के लक्षण वाले बच्चों को गले में खराश, नाक बहने के साथ सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। संक्रमित परिवार के सदस्यों में लक्षणविहीन बच्चों की पहचान आमतौर पर स्क्रीनिंग के द्वारा की जाती है। इन बच्चों का रोग के लक्षण के मुताबिक घर पर उपचार किया जा सकता है।

-------
नोट: यह लेख केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें