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जानना जरूरी: कम हो रहे हैं कोरोना संक्रमण के मामले, क्या अब मिल जाएगी 'मास्क से मुक्ति'?

Mon, 04 Oct 2021 03:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना मास्क से कब मिलेगी मुक्ति - फोटो : Pixabay
पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी देखने को मिल रही है। रिपोर्टस के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20,799 नए मामले सामने आए और 180 लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं कोरोना से रिकवरी रेट भी बढ़कर अब 97 फीसदी से अधिक हो गया है, इसे मार्च 2020 के बाद से सबसे अच्छा बताया जा रहा है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि देश में कोरोना संक्रमण से हालात में काफी सुधार आ गया है। इसके साथ अब तक 90 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक खुराक भी मिल चुकी है जिससे देश की
लगभग 70 फीसदी आबादी को कोरोना के गंभीर संक्रमण के खतरे से सुरक्षित माना जा रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या अब भी मास्क पहनकर रखना आवश्यक है? अगर हां तो इस मास्क से कब छुटकारा मिलेगा?

कोरोना के मामलों के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि देश में फिलहाल स्थिति में काफी सुधार आया है। हालांकि हमें इस बात को बिल्कुल भी नहीं भूलना चाहिए को कोरोना  वायरस अभी भी हम सभी के बीच मौजूद है। ऐसे में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। सभी लोगों को मास्क के साथ कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक नियमों का लगातार पालन करते रहना चाहिए। 
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कोरोना से बचाव आवश्यक - फोटो : iStock
कब तक बरतनी होगी सावधानी?
कोरोना से बचाव को लेकर हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया कहते हैं, देश में फिलहाल कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम लापरवाह हो जाएं। देश में अब त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में लोगों को विशेष सावधान हो जाने की आवश्यकता है। फेस्टिवल सीजन को देखते हुए लोगों से अगले छह से आठ सप्ताह तक गंभीरता से कोविड से बचाव के नियमों का पालन करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के खतरे से सुरक्षित रहा जा सके।
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मास्क पहनकर रखना आवश्यक - फोटो : pixabay
मास्क से कब मिलेगा छुटकारा?
मास्क को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सबसे कारगर उपाय के तौर पर देखा जा रहा है, अब चूंकि केस कम हो गए हैं तो लोगों के मन में सवाल है कि आखिर मास्क कब तक लगाकर रखने की जरूरत होगी? इस बारे में हाल ही में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया था कि कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को मास्क पहनकर रखना जरूरी है। जिस तरह से कोरोना के नए वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं और तीसरी लहर का खतरा बरकरार है, ऐसे में कोविड से बचाव के उपायों का पालन करते रहना कम से कम अगले साल तक आवश्यक होगा।

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तीसरी लहर के खतरा बरकरार - फोटो : Pixabay
क्या अब भी तीसरी लहर का खतरा है?
पिछले दिनों कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा था कि अक्टूबर में कोरोना की संभवत: तीसरी लहर आ सकती है, हालांकि हालिया रिपोर्टस में कोरोना के कम होते मामलों के बारे में बताया जा रहा है तो क्या कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अब भी है? इस बारे में डॉ वीके पॉल और डॉ. रणदीप गुलेरिया दोनों का कहना है कि, तीसरी लहर के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि अगर लोग कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन जारी रखते हैं तो निश्चित है, तीसरी लहर के खतरे को कम जरूर किया जाता है। डॉ गुलेरिया कहते हैं, यह त्योहार के मौसम में लोगों की सावधानियों पर ज्यादा निर्भर करेगा। 
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कोरोना वायरस से बरतें सुरक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
किन बातों का रखना होगा ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण से कोरोना के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है, इसलिए सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की दोनों डोज ले लेनी चाहिए। इसके साथ इस बात का भी ध्यान रखना आवश्यक है कि वैक्सीन हमें बीमारी के खतरे से बचा सकती है, पर संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए हमें लगातार कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहना होगा। बाहर जाते समय डबल मास्क, हाथों की स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सभी लोगों के लिए हर समय आवश्यक है। यह सभी उपाय त्योहार के मौसम में और भी आवश्यक हो जाते हैं। 


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नोट:  यह लेख विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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