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Carpal Tunnel Syndrome हाथों में रहता है दर्द तो हो सकती है ये बीमारी, बचाव के लिए करें ये व्यायाम

Wed, 23 Feb 2022 02:13 PM IST
स्वाति शैवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कार्पल टनल सिंड्रोम - फोटो : Istock
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

कोरोना के कारण वर्चुअल वर्ल्ड से सभी की निकटता बढ़ गई है। यह जरूरी भी हो गया है। क्योंकि बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस से लेकर बड़ों के दफ्तर की ऑनलाइल मीटिंग्स तक सबकुछ अब इंटरनेट के माध्यम से हो रहा है। इसके बाद बचा हुआ समय इंटरनेट पर मनोरंजक कार्यक्रम देखने में बीत रहा है। यहाँ तक तो सब ठीक था लेकिन वर्क फ्रॉम होम की वजह से अब लैपटॉप जैसे गैजेट्स पर बीतने वाले समय की अवधि बढ़ती ही जा रही है। अब अति है तो नुकसान भी हैं। देर तक एक जैसी स्थिति में लैपटॉप या कम्प्यूटर पर काम करने वालों में कार्पल टनल सिंड्रोम जैसी स्थितियां बढ़ रही हैं। हालांकि ज्यादातर जगह अब दफ्तर और स्कूल आदि खुलने लगे हैं लेकिन लंबे समय से उक्त गैजेट्स पर काम करने की आदत ने परेशानी तो खड़ी की है। इसके अलावा घर के काम भी बढ़ गए हैं। आइए जानें, कैसे पाएं राहत अगर हो जाए कार्पल टनल सिंड्रोम।
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कार्पल टनल सिंड्रोम - फोटो : Istock
क्या है कार्पल टनल सिंड्रोम 

कार्पल टनल सिंड्रोम वह स्थिति है जब कलाई की मीडियम नर्व (नस) पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ने लगता है। इस दबाव की वजह से कलाई और हाथों में सुन्न होने का एहसास, झुनझुनी और असहज कर देने वाली कमजोरी होने लगती है। यह समस्या महिलाओं में, हाथों से ज्यादा काम करने वालों या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है। लेकिन कम्प्यूटर और लैपटॉप पर काम करने वालों में भी इसका प्रतिशत बढ़ने लगा है। समय पर ध्यान न देने से इस समस्या की सर्जरी करवाने की भी स्थिति बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते ही इसे नियंत्रित करने की कोशिश की जाए।
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कार्पल टनल सिंड्रोम - फोटो : iStock
एक्सरसाइज से मिलेगा आराम:

कार्पल टनल सिंड्रोम के माइल्ड केसेस में एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बशर्ते आप सही सलाह से, समय पर इसे शुरू कर दें। डॉक्टर इसके साथ कई बार अपने काम की आदतों में थोड़ा बदलाव लाने या रिस्ट स्प्लिनट्स पहनने की सलाह भी दे सकते हैं। यदि एक्सरसाइज करते समय है इसके तुरन्त बाद कोई विशेष दर्द आपको महसूस हो तो तुरन्त एक्सरसाइज रोक दें और अपने डॉक्टर से सलाह लें। इस समस्या से जुड़ी सामान्य एक्सरसाइज में शामिल हैं-

-धीरे धीरे कलाइयों को आगे-पीछे, ऊपर- नीचे और दाएं-बाएं करें। शुरुआत में 5-5 बार के सैट करें फिर धीरे धीरे बढ़ाएं।

-अपनी उंगलियों को एकदम पूरी क्षमता से स्ट्रेच करें फिर उन्हें रिलैक्स करें। इस क्रिया को कम से कम 4 बार दोहराएं।

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कार्पल टनल सिंड्रोम - फोटो : Istock
-इसी तरह एक हाथ का उपयोग करते हुए दूसरे हाथ पर हल्का सा दबाव डालकर अंगूठे पर भी हल्का सा प्रेशर डालते हुए उसे आगे और पीछे की ओर दबाएं। यह प्रक्रिया भी 4 बार करें।

-अपने दोनों हाथों को प्रार्थना के लिए जोड़ते हुए उन्हें पहले कमर से नीचे ले जाएं। वहां 30 सेकेंड्स तक रोकें। इसे 2- 4 बार दोहराएं।

-काम के बीच बीच में मुट्ठी बनाएं और खोलें। इसके लिए आप एक सॉफ्ट बॉल की मदद भी ले सकते हैं। मुट्ठी खोलते समय उंगलियों को जितना हो सके स्ट्रेच करें।
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कार्पल टनल सिंड्रोम - फोटो : Istock
-दोनों हाथों को सीधा लम्बा रखते हुए हथेलियों को नीचे झुकाएं और फिर ऊपर उठाएं। कम से कम 8-10 बार यह प्रक्रिया दोहराएं।

-यह हमेशा याद रखें कि अंगूठे या हाथ पर दबाव देते समय ज्यादा प्रेशर न लगाएं। इससे नाजुक मसल्स को नुकसान पहुंच सकता है।

ये या ऐसी अन्य एक्सरसाइज आप सामान्यतः भी कर सकते हैं। इससे आपके हाथों की मसल्स मजबूत होंगी और लंबे समय तक अच्छे तरीके से काम कर पाएंगे। एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग शुरू करने से पहले 10-15 मिनट के लिए गर्म सेक भी आप सकते हैं।

नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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