कोरोना संक्रमण के कारण अधिकतर देशों में लॉकडाउन चल रहा है। दुनिया की बड़ी आबादी घरों में है। भारत में भी कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। इस दौर में मन को शांत रखना और संयम के साथ जिंदगी बिताना सभी के लिए चुनौतीपूर्ण है। मनोरोग विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि व्यक्ति कितनी भी कोशिश कर ले, एक वक्त में स्थिति ऐसी होती है कि वो ऊब जाता है। उसके साथ ऐसी स्थिति हो सकती है कि वह खुद से भी नफरत करने लगे और चिंता में डूबा रहे, जिसके कारण वह अवसाद में जा सकता है। घर में कैद रहने से मन अस्थिर हो सकता है और व्यक्ति कुछ ऐसा करने लग सकता है जो सामान्य ना हो। इसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए ब्रिटेन के साइकोलॉजिस्ट डॉ. माइकल सिनक्लेयर ऐसे तौर तरीके बता रहे हैं, जिनका पालन कर जिंदगी को लॉकडाउन के बीच भी चिंतामुक्त, खुशहाल और स्वस्थ रखा जा सकता है।