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Health Tips: इन पांच लक्षणों से पहचाने बच्चा है कमजोर, वीकनेस दूर करने के लिए अपनाएं ये उपाय

Tue, 18 Apr 2023 11:07 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शारीरिक कमजोरी के कारण बच्चे रहते हैं उदास - फोटो : istock
Symptoms of Child Weakness: बच्चों में ऊर्जा,उत्साह आदि होता है। स्कूल से आते ही बच्चे खेलने-कूदने में निकाल देते हैं। खेलने के बाद भी जल्दी थकान महसूस नहीं करते। बच्चों में पूरा दिन खेलने कूदने की क्षमता होती है। ऐसे में अगर आपका बच्चा खेलने कूदने में रूचि न लेकर चुपचाप बैठा रहता है और अगर खेलने जाता भी है तो जल्दी थकान महसूस करने लगता है और उदास रहता है तो हो सकता है कि बच्चा शारीरिक तौर पर स्वस्थ न हो। बच्चे कमजोरी के कारण भी इस तरह का बर्ताव करते हैं। मांसपेशियों में कमजोरी होने के कारण बच्चों को न केवल खेलने, बल्कि चलने में भी दिक्कत हो सकती है। बच्चा सुस्त रहने लगता है। कई बार तो बच्चों में वीकनेस इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि वह निजी काम कर पाने में भी सक्षम नहीं हो पाते। आपका बच्चा शारीरिक तौर पर कमजोर है या नहीं इसका पता लगाने के लिए बच्चों में वीकनेस के कुछ लक्षण जान लें। इसके साथ ही कमजोरी होने का कारण और उपचार के बारे में भी जानें।
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बच्चे में जल्दी थकान कमजोरी के लक्षण - फोटो : iStock
बच्चे में कमजोरी होने के लक्षण

सिरदर्द और थकान रहना

अगर बच्चा बार बार सिरदर्द होने की बात कहे या थोड़ी सी गतिविधियों के बाद ही थकान महसूस करने लगे तो इसे अंदरूनी तौर पर अस्वस्थ होने के संकेत माने जाते हैं। कई बार खेलने या किसी काम को करने के दौरान बच्चे की हृदय गति बढ़ जाती है और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
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पैरों में अक्सर रहे दर्द रहने की वजह - फोटो : neeraj
पैरों में दर्द और चलने में दिक्कत

कई बार पोषण की कमी के कारण बच्चों के पैरों में भी कमजोरी आ जाती है। दौड़ने कूदने की उम्र में बच्चे अच्छे से चल फिर भी नहीं पाते और अक्सर पैरों में दर्द होने की शिकायत करते हैं। बच्चों को खड़े होने, दौड़ने और कूदने में मुश्किल होती है। यह कैल्शियम की कमी का संकेत भी हो सकता है।

बुखार आना 

बच्चे को जल्दी जल्दी बुखार आता हो, तो उसकी इम्यूनिटी कमजोर होने के साथ ही वह शारीरिक तौर पर भी कमजोर हो सकता है। 

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बांह उठाने में होती हो दिक्कत तो कमजोर है आपका बच्चा - फोटो : iStock
बांह और हाथों में दर्द

कई बार बच्चे हाथों और बांहों में दर्द होने की भी शिकायत करते हैं। वह लिखते समय, खुद से खाना खाते वक्त, खेलते वक्त, बैग कैरी करते समय या शर्ट का बटन लगाते समय परेशान हो जाते हैं। 

चेहरा सूखना 

बच्चे में वीकनेस है इस बात की पहचान सबसे पहले बच्चे का चेहरा सूखने, होठ फटने और आंखों के नीचे काले घेरे आने से की जा सकती है। बच्चों के चेहरे पर रैशेज भी आ सकते हैं। उन्हें बोलने, निगलने और चूसने में भी दिक्कत होने लगती है। 
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पोषण की कमी के अलावा बच्चों में वीकनेस की वजह - फोटो : iStock
बच्चों में कमजोरी आने की वजह

बच्चे में कमजोरी आने के कई कारण हो सकते हैं। पोषण की कमी, मांसपेशियों में कमजोरी, पोलियो, एक्यूट फ्लेसिड मायलाइटिस और कई बीमारियों के कारण बच्चे में कमजोरी हो सकती है। वीकनेस होने के कारण बच्चे को काम करने में तो कठिनाई होती ही है, साथ ही बच्चे का विकास भी धीमी गति से होता है। उनकी लंबाई नहीं बढ़ती और कई कमजोर बच्चे अंडरवेट रहते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और बच्चे की सभी जरूरी जांच करानी चाहिए।
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बच्चे को कमजोर होने से बचाने का तरीका - फोटो : iStock
कमजोरी से बचने के उपाय
  • बच्चों में कमजोरी के लक्षण दिखें तो उन्हें सबसे पहले डॉक्टर के पास ले जाएं
  • बच्चों को पौष्टिक आहार दें, जिस में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हो।
  • बच्चे को हाइड्रेट रखने का प्रयास करें। 
  • अगर बच्चा किसी तरह की शारीरिक समस्या के बारे में बताए तो उसे बहाना समझकर नजरअंदाज न करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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