फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानना जरूरी: सर्दियों में ये छोटी सी गलती बन सकती है स्ट्रोक-हार्ट अटैक का कारण, आपको भी हो सकता है खतरा

Fri, 18 Nov 2022 02:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
सर्दियों में ठंडे पानी से न नहाएं - फोटो : istock
आहार से लेकर दिनचर्या तक, सर्दियों के मौसम में हर स्तर पर सेहत का विशेष ख्याल रखना सभी लोगों के लिए आवश्यक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं भले ही आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं फिर भी थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए कई प्रकार की मुश्किलें बढ़ा सकती है। इसी क्रम में सर्दियों के मौसम में नहाने के लिए किस तरह के पानी का इस्तेमाल करते हैं, इसपर भी ध्यान देना बहुत जरूरी हो जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि इस मौसम में ठंडे पानी से नहाना जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकता है, ऐसे कई मामलों में लोगों की जान भी गई है, इसलिए सभी लोगों को विशेष ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्दियों में बहुत ठंडा या गर्म, दोनों ही तरह के पानी से नहाना नुकसानदायक हो सकता है, हालांकि ठंडे पानी को ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिसे जानलेवा माना जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि किस तासीर के पानी से ठंड के मौसम में नहाना चाहिए? आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
ठंडे पानी से नहाने से स्ट्रोक का खतरा - फोटो : istock
ठंडे पानी से जोखिम

सर्दियों में ठंडे पानी से नहाने के कई प्रकार के जोखिम हो सकते हैं। न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ सुधीर कुमार ने ट्विटर पर एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि सर्दी के मौसम में ठंडे पानी से नहाने के कारण 68 साल के एक व्यक्ति में स्ट्रोक की समस्या का निदान किया गया है। ठंडे पानी से नहाने को इस मौसम में सुरक्षित नहीं माना जा सकता है, इसके कारण गंभीर और जानलेवा स्थितियों का जोखिम हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ठंडे पानी से नहाने के कारण स्ट्रोक के अलावा हार्ट अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है, इसको लेकर सभी लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
विज्ञापन

3 of 5
धमनियों में संकुचन का खतरा - फोटो : Pixabay
ठंडे पानी के कारण हो सकती है धमनियों की समस्या

डॉ सुधीर ने मामले का जिक्र करते हुए बताया कि मरीज ने नदी में स्नान किया था, जिसके कारण उसे स्ट्रोक हुआ। करीब 26 घंटे तक बोलने में असमर्थता की शिकायत के बाद उसे अस्पताल लाया गया। एमआरआई जांच के आधार पर उसमें इस्केमिक स्ट्रोक का पता चला। इस मौसम में ठंडे पानी से नहाने से हार्ट अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है। अचानक से ठंडे पानी के संपर्क में आने के कारण मायोकार्डियल इन्फार्कशन जैसी स्थितियों का खतरा हो सकता है।

ठंडे पानी में डुबकी लगाने से शरीर का तापमान अचानक से कम होने के साथ पेरिफेरल वैस्कुलर रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, यह स्थिति तेजी से ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है जिससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक हो सकता है।

4 of 5
गर्म पानी से नहाने से त्वचा की दिक्कतों का खतरा - फोटो : istock
ज्यादा गर्म पानी भी हानिकारक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है, वहीं ज्यादा गर्म पानी से भी नहाना नुकसानदायक माना जाता है। अधिक गर्म पानी से नहाने की आदत त्वचा संबंधी विकारों जैसे सूखापन, खुजली के अलावा बालों की जड़ों को कमजोर कर सकती है। नहाने के लिए हमेशा हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। पानी का तापमान न तो बहुत अधिक हो, न बहुत कम। ज्यादा गर्म पानी से नहाने की आदत त्वचा की नमी के प्राकृतिक संतुलन को भी बाधित कर देती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नहाने के दौरान बरतें कुछ सावधानियां - फोटो : Pixabay
इन सावधानियों का भी रखें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ठंड के मौसम में नहाने के लिए शावर का इस्तेमाल न करें, बाल्टी में गुनगुना पानी लें और उसी से नहाएं। शरीर पर पानी डालने से पहले पैरों पर पानी डालें, जिससे मस्तिष्क तक पानी के तापमान का संकेत पहुंच जाए और शरीर का तापमान उसी के आधार पर व्यवस्थित हो सके। सर्दियों के मौसम में नदी या स्वीमिंग पूल में नहाने से बचें। यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है तो इस तरह की सावधानियों पर और गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।



----------------
नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें