मासिक धर्म स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने की पहल
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कई राज्यों में नहीं हैं पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं
इससे पहले 10 अप्रैल को, शीर्ष अदालत ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय करने और राष्ट्रीय नीति तैयार करने के लिए डेटा एकत्र करने हेतु स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) के सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था।
इसके साथ निर्देश दिया गया था कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन रणनीतियों और योजनाओं को चार सप्ताह की अवधि के भीतर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालन समूह को प्रस्तुत करना होगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि देश के कई राज्यों में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी स्कूली छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई शहरों में स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है जो काफी चुनौतीपूर्ण स्थिति है। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की आवश्यकताओं को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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