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Sumona chakravarti: क्या है एंडोमेट्रियोसिस की समस्या? जिसके लिए सुमोना चक्रवर्ती को करानी पड़ी सर्जरी

Mon, 06 Jul 2026 05:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुमोना चक्रवर्ती की हाल ही में एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी हुई है। जानिए एंडोमेट्रियोसिस क्या है, इसके कारण, शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? कैसे इस बीमारी की पहचान की जा सकती है?
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एंडोमेट्रियोसिस की बढ़ती समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
'द कपिल शर्मा शो' में कपिल शर्मा की ऑन-स्क्रीन पत्नी (मंजू शर्मा) के रोल को लेकर मशहूर टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में एंडोमेट्रियोसिस की सर्जरी करवाई है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में सुमोना ने कहा, लंबे समय बाद वापस आकर खुशी हो रही है। पिछले दो महीनों से मैं दुनिया-दारी से दूर रही हूं। 4 मई को मेरी एंडोमेट्रियोसिस की सर्जरी हुई। लंबे समय तक इसे कंट्रोल करने की कोशिशों के बावजूद यह बीमारी काफी बढ़ गई थी। मुझे लगता है कि अब इससे छुटकारा पाने का समय आ गया था।

पिछले दो महीने मैंने शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक होने में बिताए हैं। अब मैं ठीक हूं। बल्कि, बहुत अच्छी हूं। मेरी डॉक्टर और उनकी टीम मेरे लिए फरिश्तों से कम नहीं हैं। 

इस पोस्ट के सामने आने के बाद से लोगों के मन में एंडोमेट्रियोसिस को लेकर कई सवाल हैं। आखिर ये बीमारी क्या है, क्यों होती है और अगर इससे बचे रहना है तो क्या करना चाहिए? आइए इन सब के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
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पीरियड्स के समय दर्द? - फोटो : Amarujala.com/AI
पहले जान लीजिए एंडोमेट्रियोसिस होता क्या है?

क्या आपको हर महीने पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द, बार-बार पेट फूलने, कमर टूटने जैसा दर्द या संबंध बनाने के दौरान तकलीफ होता है, हो सकता है ये एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो।

एंडोमेट्रियोसिस केवल दर्द की समस्या नहीं बल्कि एक क्रॉनिक बीमारी है, जिससे दुनिया भर में अनुमानित 10% प्रजनन आयु (15-49 वर्ष) की महिलाएं प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों महिलाएं इस बीमारी के साथ जी रही हैं, लेकिन उन्हें वर्षों तक सही डायग्नोसिस नहीं मिल पाता क्योंकि इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य पीरियड दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
 
  • एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर (ओवरी, फैलोपियन ट्यूब, पेल्विस) पर बढ़ने लगती हैं। 
  • ये कोशिकाएं भी हर महीने हार्मोन के प्रभाव में सक्रिय होती हैं, लेकिन शरीर से बाहर नहीं निकल पातीं। 
  • इसके कारण सूजन, रक्तस्राव, सिस्ट और लगातार दर्द की समस्या पैदा हो सकती है।
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एंडोमेट्रियोसिस की समस्या को जानिए (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
क्यों होती है ये समस्या? 

एंडोमेट्रियोसिस क्यों होता है इसका कारण अभी तक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं हो पाया है, लेकिन कुछ स्थितियां इसका जोखिम बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
 
  • आनुवंशिक कारणों के अलावा, प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी, हार्मोन विशेषकर एस्ट्रोजन के प्रभाव को भी इसका कारण माना जाता रहा है। 
  • अगर आपके परिवार में किसी और को (जैसे आपकी मां, दादी या बहन को) एंडोमेट्रियोसिस है, तो इसका खतरा आपमें भी बढ़ सकता है।
  • जिनके पीरियड्स कम उम्र में शुरू हुए हों, मासिक चक्र छोटा हो, पीरियड्स लंबे और अधिक रक्तस्राव वाले हों उनमें भी इसका खतरा हो सकता है।
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एंडोमेट्रियोसिस का शिकार तो नहीं हैं आप? - फोटो : Freepik.com
कहीं आपको भी तो नहीं हो गई है ये बीमारी?

एंडोमेट्रियोसिस की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य पीरियड दर्द जैसे लगते हैं। इसलिए इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
 
  • पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा दर्द और ऐंठन।
  • पीरियड्स के दौरान या दो पीरियड्स के बीच पेट या पीठ में दर्द।
  • पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग।
  • संभोग के दौरान दर्द (डिस्पेरियूनिया)।
  • शौच या पेशाब करते समय दर्द।
  • पेट की समस्याएं जैसे दस्त, कब्ज या पेट फूलने की समस्या।

अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि एंडोमेट्रियोसिस की समस्या को इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके लक्षणों को अनदेखा करना इंफर्टिलिटी का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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