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Summer Health Tips: गर्मियों में ऐसे रखें इंटिमेट एरिया को क्लीन और फ्रेश, महिलाएं अक्सर भूल जाती हैं ये बातें

Tue, 24 Jun 2025 04:00 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

गर्मियों का मौसम पसीना, रैशेज और यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन जैसी समस्याएं भी साथ लेकर आता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी पर्सनल हाइजीन पर खास ध्यान दें।
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गर्मी में रखें इन बातों का ध्यान - फोटो : Adobe
यशस्वी यादव

किचन से लेकर ऑफिस मीटिंग तक आप दिन भर अनेक जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में संभव है कि आप अपनी पर्सनल हाइजीन को अनदेखा कर देते हों। लेकिन यह लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है और स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याएं उत्पन्न हो कर सकती है, जैसे कि पसीने की वजह से संक्रमण, दुर्गंध, स्किन एलर्जी, इरिटेशन और यूटीआई यानी यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन। इसलिए गर्मियों में आपको अपनी इंटिमेट हाइजीन पर ध्यान देना चाहिए।

दो बार स्नान

गर्मियों में मुमकिन हो तो दो बार नहाएं। खासकर अगर आप रोजाना बाहर जाती हैं या आपको पसीना अधिक आता है। इससे शरीर साफ रहता है और यूटीआई जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। इसके अलावा अगर आप कोई फिजिकल एक्टिविटी करती हैं तो नहाना बेहद महत्वपूर्ण है। नहाते वक्त इंटिमेट एरिया को हल्के हाथों से साफ करें, साथ ही साबुन का इस्तेमाल करने से बचें। इसकी जगह आप इंटिमेट वॉश या हल्के, खुशबू रहित साबुन का इस्तेमाल कर सकती हैं।
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‘उन दिनों’ में सावधानी - फोटो : instagram
‘उन दिनों’ में सावधानी

रोजाना नहाने से शरीर की सफाई होती है तो वहीं पीरियड्स में नहाने से उस दौरान होने वाले इंफेक्शन से बचाव होता है। पीरियड्स के दौरान आप गुनगुने पानी से नहा सकती हैं। इससे आपके शरीर को आराम मिलता है और ऐंठन (क्रैम्प्स) भी कम होती है। वहीं गर्मियों में पैड या टैम्पोन को हर 4-6 घंटे में जरूर बदलें, भले ही ब्लीडिंग कम हो। बहुत देर तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। पैड बदलने के बाद उस हिस्से को हल्के हाथों से पानी की मदद से साफ करें और टिशू से पोंछें।
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टाइट कपड़े नहीं - फोटो : Adobe stock
टाइट कपड़े नहीं

टाइट कपड़े पहनना फैशन का एक हिस्सा है, लेकिन इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। टाइट कपड़े त्वचा को हवा नहीं लगने देते, जिससे पसीना ज्यादा आता है और बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इससे स्किन रैशेज, खुजली और यीस्ट इंफेक्शन जैसे रोग हो सकते हैं। इसलिए सेहत के लिहाज से गर्मियों में ढीले, सूती और आरामदायक कपड़े पहनना अधिक अच्छा होता है। वहीं गर्मियों में पसीने के कारण अंडरवियर जल्दी गंदे हो जाते हैं। इसलिए रोजाना अंडरगारमेंट्स बदलें और कोशिश करें कि धोकर धूप में ही सुखाएं, ताकि सारे बैक्टीरिया मर सकें।

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इन्हें नजरअंदाज नहीं करना है - फोटो : adobe
इन्हें नजरअंदाज नहीं करना है

अगर गर्मियों में आपको लगातार अपने इंटिमेट एरिया में जलन या खुजली हो रही है और 2–3 दिनों में राहत न मिले तो डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा असहनीय दर्द या लगातार यूरिन में जलन हो रही है तो ये यूटीआई या अन्य इंफेक्शन के लक्षण हो सकते हैं। अगर इंटिमेट एरिया में रैशेज या छोटे-छोटे लाल स्पॉट दिखें तो यह त्वचा में इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। कई बार यह कोई वायरल संक्रमण भी हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के लिए जरूरी - फोटो : Adobe
आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के लिए जरूरी

प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा खुराना बताती हैं, महिलाओं के लिए पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना न केवल अच्छे स्वास्थ्य के लिए, बल्कि आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। यदि इंटिमेट एरिया की सफाई ठीक से नहीं की जाती है तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि संक्रमण, दुर्गंध, खुजली, जलन और यूटीआई। इसलिए रोजाना साफ पानी से इंटिमेट एरिया की सफाई करें और सुनिश्चित करें कि हमेशा सूती, ढीले अंडरगारमेंट्स पहनें, ताकि त्वचा सांस ले सके। पीरियड्स के दौरान सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन को समय पर बदलें, क्योंकि लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसके अलावा हर बार वॉशरूम जाने के बाद इंटिमेट पार्ट को साफ पानी से धोकर टिशु पेपर से हल्के हाथों से सुखाएं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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