फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साल से पहले ही 45 फीसदी IVF शिशुओं की हो जाती है मौत: स्टडी

Tue, 18 Feb 2020 08:12 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला,नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
आईवीएफ - फोटो : सोशल मीडिया
एक साल से पहले ही 45 फीसदी आईवीएफ शिशुओं की मौत हो जाती है। एक नए अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है। यह अध्ययन तीस लाख शिशुओं पर किया गया है। स्वीडन के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया है और बताया है कि आईवीएफ प्रणाली से जन्म लेने वाले शिशुओं में से पैंतालीस फीसदी शिशु ऐसे होते हैं जो कि अपना पहला जन्मदिन भी नहीं देख पाते।

 
विज्ञापन

2 of 5
IVF - फोटो : IVF
आईवीएफ गर्भधारण की एक प्रक्रिया है। इसे इन विट्रो फर्टिलाइजेशन कहा जाता है। इस प्रक्रिया से जन्म लेने वाले शिशु को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन गर्भधारण करवाने की एक कृत्रिम प्रक्रिया है। यह तकनीक उन महिलाओं के लिए विकसित की गई है, जो किसी कारणवश मां नहीं बन पाती हैं।
विज्ञापन

3 of 5
indian ivf
इसी वजह से आईवीएफ केंद्रों का चलन बढ़ा है और यह तकनीक प्रसिद्ध हुई है। लेकिन इस बीच एक अध्ययन ने टेस्ट ट्यूब बेबी को लेकर जो निष्कर्ष दिए हैं वो चौंकाने वाले हैं। आपको बता दें कि आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान महिला के अंडाशय से अंंडे निकाले जाते हैं और प्रयोगशाला में शुक्राणु से साथ निषेचित किए जाते हैं। फिर इससे भ्रूण बनता है और बाद में इस भ्रूण को महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है । 

4 of 5
आईवीएफ से किफायती नई तकनीक
ब्रिटेन में  साल 2017 में 75,000 टेस्ट ट्यूब बेबी पैदा हुए। स्वीडन में कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने स्वीडन में ही पैदा हुए 28 लाख शिशुओं का अध्ययन किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सांकेतिक तस्वीर
इनमें से 43,500 शिशु आईवीएफ प्रणाली से पैदा हुए थे। शोधकर्ताओं ने देखा कि आईवीएफ प्रणाली से पैदा हुए बच्चों में से 7,236 बच्चों की एक साल से पहले ही मौत हो गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें