फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लंबे पुरुषों में कम होता है डिमेंशिया का खतरा

Tue, 18 Feb 2020 04:27 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क,अमर उजाला,नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
dementia - फोटो : dementia
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनियाभर में 5 करोड़ से ज्यादा लोगों को अल्जाइमर की बीमारी है। डिमेंशिया भी अल्जाइमर की ही तरह भूलने की बीमारी है। डिमेंशिया को मनोभ्रंश कहते हैं जिसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाती है और वो अपने दैनिक कार्यों को भी ठीक से याद नहीं रख पाता है। डिमेंशिया में मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिसकी वजह से मस्तिष्क की कोशिकाएं एक-दूसरे से संवाद नहीं कर पाती और पीड़ित व्यक्ति के सोच, व्यवहार और भावनाओं पर असर पड़ता है।
विज्ञापन

2 of 5
गुमशुदा लोगों को ढूढ़ निकालता है ये ऐप, तुरंत करें डाउनलोड - फोटो : गूगल प्ले स्टोर
अब एक अध्ययन में कहा गया है कि लंबे पुरुषों को डिमेंशिया (स्मृतियों का क्षय) की बीमारी का जोखिम कम रहता है।  यह अध्ययन डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय में हुआ है। इसमें डिमेंशिया की बीमारी और व्यक्ति की लंबाई के बीच पहली बार संबंध स्थापित किया गया है।
विज्ञापन

3 of 5
dementia
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने साल 1939 से लेकर 1959 तक पुरुषों का डाटा एकत्रित किया। शोधकर्ताओं ने 666,333 लोगों का डाटा एकत्रित किया जिसमें 70,608 लोग जुड़वा भाई नहीं थे, और 7,388 लोग जुड़वा थे। इन लोगों पर साल 1957 से लेकर 1984 तक अध्ययन किया गया और साल 2016 तक चिकित्सकीय रूप से इस डाटा का अनुसरण किया गया और देखा गया कि जिन लोगों की लंबाई ज्यादा होती है उनको डिमेंशिया का खतरा कम रहता है।

4 of 5
demo pic
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने देखा कि 666,333 पुरुषों में से 10,599 को एक ही वक्त में डिमेंशिया की बीमारी हुई। जो पुरुष एक औसत से ज्यादा लंबे थे उनको डिमेंशिया का जोखिम कम था, जबकि जिनकी लंबाई छोटी थी ऐसे पुरुषों को डिमेंशिया का जोखिम ज्यादा देखा गया। अगली स्लाइड में पढ़िए क्या है डिमेंशिया
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
demo pic
डिमेंशिया भूलने की बीमारी है। इसमें व्यक्ति चीजों को याद नहीं रख पाता है। इस रोग के प्रारंभिक लक्षणों में लोग छोटी-छोटी चीजों को कहां रखी हैं ये भूल जाते हैं। आगे चलकर यह खतरनाक बीमारी बन जाती है और लोग अपने दैनिक कार्य को ही भूल जाते हैं। डिमेंशिया से पीडि़त व्यक्ति धीरे-धीरे सबकुछ भूलने लगता है। वह रास्ता और लोगों के चेहरे भी भूल जाता है। डिमेंशिया में व्यक्ति के मस्तिष्क की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और उसकी याददाश्त कमजोर हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें