वायु-प्रदूषण मौजूदा समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। देश के कई शहरों में वायु-प्रदूषण का बढ़ता हुआ स्तर लोगों को गंभीर बीमारियों की चपेट में लेता जा रहा है। ठंड के मौसम में दिल्ली जैसे शहर गंभीर रूप से स्मॉग की चपेट में आ जाते है, जहां सांस लेना भी दूभर हो जाता है। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक उदयपुर, कोटा जैसे शहरों में पीएम 2.5 का स्तर सबसे अधिक पाया जा रहा है। हालिया रिपोर्टस में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों में कार्डियक अरेस्ट जैसे हृदय रोग और इससे होने वाली मौत का खतरा अधिक हो सकता है।
ईएससी कांग्रेस 2021 में प्रस्तुत किए गए
शोध के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदूषण और स्वास्थ्य के खतरे को लेकर किए गए अध्ययन से स्पष्ट होता है कि जो लोग लंबे समय तक अशुद्ध हवा में रहते हैं, उनमें हृदय रोग और उससे होने वाली मौत का खतरा काफी ज्यादा हो सकता है। इस अध्ययन के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ दिल्ली-राजस्थान जैसे राज्य, जहां की हवा काफी अस्वच्छ मानी जाती रही है, वहां के लोगों को सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं।