वैश्विक स्तर पर पिछले दो साल से अधिक समय से जारी कोरोना संक्रमण के चलते लोगों को कई तरह की सामाजिक और सेहत से संबंधित परेशानियां झेलनी पड़ी हैं। महामारी की शुरुआत में जहां वायरस को सांस की बीमारी से जोड़कर देखा जा रहा था, वहीं समय के साथ सामने आए कोरोना के तमाम वैरिएंट्स ने जिस तरह से शरीर के कई अंगों पर प्रभाव डाला है, उसने विशेषज्ञों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। कोरोना संक्रमण के कारण लोगों को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। अध्ययनों में इसके दीर्घकालिक गंभीर प्रभावों के बारे में भी पता चलता है। वहीं हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण के कारण बढ़ती एक और गंभीर समस्या को लेकर लोगों को आगाह किया है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के वैज्ञानिकों द्वारा संक्रमण के दुष्प्रभाव और इससे जनित दीर्घकालिक समस्याओं को जानने के लिए अध्ययन किया गया। इस शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना का संक्रमण लोगों में तेजी से उम्र बढ़ने का कारण बन सकता है। इस आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि यह लोगों में कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षणों को प्रकट करने का कारण बन सकती है। आइए आगे इस शोध के बारे में विस्तार से जानते हैं।