फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया: जिम जाने वालों में हार्ट अटैक के ये हैं दो प्रमुख कारण, आप भी हो जाइए सावधान

Sat, 03 Sep 2022 05:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट अटैक के बढ़ते मामले - फोटो : istock
युवाओं में बढ़ते हृदय रोग के मामलों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी गंभीर मानते हैं। हृदय की बीमारियों को कुछ दशक पहले तक बढ़ती उम्र के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जाता रहा है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोगों में भी इसके गंभीर मामले और हार्ट अटैक की समस्या देखी जा रही है। इतना ही नहीं वो लोग भी हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं जो फिटनेस फ्रीक हैं और नियमित रूप से व्यायाम भी करते हैं।

अध्ययनों में दावा किया जाता रहा है कि हृदय रोग की समस्याओं को कम करने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। ऐसे में सवाल उठता है कि जिम जाने वालों में फिर हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

हाल ही में जिम में व्यायाम के दौरान मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और इससे पहले बिग-बॉस के विजेता रह चुके अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला को भी दिल का दौरा पड़ चुका है। आखिर इस तरह के बढ़ते मामलों के पीछे क्या कारण है? जिम के दौरान किन  बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए इस बारे में विशेषज्ञ से विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
जिम में हार्ट अटैक के मामले - फोटो : Getty Images
जिम में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों का कारण

जिम के दौरान हार्ट अटैक के कारणों के बारे में समझने के लिए हमने मुंबई के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ अनवर.एस खान से संपर्क किया। डॉ अनवर बताते हैं, हार्ट अटैक के कई कारण हो सकते हैं। जिम के दौरान होने वाले दिल के दौरे के ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि पीड़ित को या पहले से ही हृदय रोग की समस्या रही है और वह तीव्रता वाले व्यायाम करता है अथवा दूसरे कारण में धूम्रपान-स्टेरॉयड के इस्तेमाल के कारण इस तरह की समस्या अधिक देखी जाती रही है। सामान्यतौर पर हम इन बातों पर ध्यान नहीं देते हैं पर ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती हैं।
विज्ञापन

3 of 5
स्टेरॉयड लेने से बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले - फोटो : iStock
स्टेरॉयड लेने वालों में बढ़ रही है दिक्कत

डॉ अनवर कहते हैं, अक्सर जिम जाने वाले लोग जल्द से जल्द बॉडी बनाने के चक्कर में प्रोटीन पाउडर के नाम पर जाने-अनजाने स्टेरॉयड का सेवन करने लगते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि थोड़े समय के लिए भी स्टेरॉयड लेने से हृदय को स्थाई नुकसान हो सकता है। यदि आप लंबे समय से स्टेरॉयड का सेवन करते हैं तो अन्य लोगों की तुलना में आपमें हृदय की गंभीर बीमारियों का जोखिम काफी अधिक हो सकता है। युवाओं में तेजी से बढ़ते हार्ट अटैक के लिए इसे प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है।

4 of 5
हृदय को कमजोर कर देता है धूम्रपान - फोटो : iStock
धूम्रपान भी बहुत खतरनाक

स्टेरॉयड के अलावा धूम्रपान की आदत भी हृदय और फेफड़ों की सेहत की गंभीर नुकसान पहुंचाती है। धूम्रपान कोरोनरी धमनियों के बंद या संकुचित होने का कारण बनता है, जिसके कारण समय के साथ हृदय धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाता है। हृदय में रक्त का प्रवाह कम होने से दिल का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसपर अगर आप जिम में तीव्रता वाले व्यायाम करते हैं तो हृदय पर दबाव अधिक बढ़ जाता है। इसके कारण भी ज्यादातर जिम जाने वालों में हार्ट अटैक की समस्या देखने को मिल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हृदय की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : iStock
जिम में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अनवर कहते हैं, व्यायाम निश्चित ही हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है पर अगर आपको पहले से ही किसी प्रकार की हृदय से संबंधित समस्या है तो डॉक्टर की सलाह के आधार पर घर पर ही व्यायाम करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। बिना किसी ट्रेनर को जिम में व्यायाम न करें। जिम में वेंटिलेशन की व्यवस्था बढ़िया है, इसे जरूर सुनिश्चित करें, इसके कारण भी हृदय की समस्याएं हो सकती हैं। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए किसी भी प्रकार के स्टेरॉयड या धूम्रपान जैसी आदतों से बचें, ये गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें