नए वैरिएंट्स की संक्रामकता दर अधिक
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
शोधकर्ताओं का कहना है कि फिलहाल कोरोना के जिस प्रकार से अति संक्रामक वैरिएंट्स के मामले देखने को मिलते रहे हैं, वह भले ही हल्के लक्षणों वाले हों पर फिर भी हम सभी को इसके खतरे को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अगर संक्रमण के मामलों पर रोक नहीं लगाई जाती है तो इन वैरिएंट्स में और भी म्यूटेशन हो सकता है, जिससे और भी गंभीर वैरिएंट्स आने का खतरा हो सकता है।
इस तरह के संकट से बचाव के लिए सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना जरूरी है। भले ही आपका वैक्सीनेशन हो चुका है, कोविड से बचाव के उपायों का पालन करते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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