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Sonam Kapoor: इस बीमारी से जूझ रही हैं बॉलीवुड अभिनेत्री, नहीं है इसका कोई इलाज; आप भी हो जाएं सावधान

Tue, 26 Nov 2024 02:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोनम कपूर ने एक कार्यक्रम में बताया कि वह किशोरावस्था से ही पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) से पीड़ित हैं जिसके कारण उन्हें काफी ट्रोल होना पड़ा। आइए पीसीओएस के बारे में जानते हैं।
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सोनम कपूर को पीसीओएस की समस्या - फोटो : इंस्टाग्राम @sonamkapoor
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि वह किशोरावस्था से ही एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं। उन्हें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) की दिक्कत है। इस बीमारी के कारण उनके चेहरे पर बहुत ज्यादा बाल हो गए थे, जिस वजह से उन्हें खूब ट्रोल होना पड़ा। इन घटनाओं ने उन्हें मानसिक तौर पर काफी आघात पहुंचाया। सोनम कहती हैं, लोग मेरे चेहरे पर बाल होने का मजाक उड़ाते थे और कहते ये "अनिल कपूर की बेटी" है इसलिए इसके भी ज्यादा बाल हैं। इसके अलावा 16 साल की उम्र में वजन बढ़ने और इसके कारण होने वाली जटिलताओं ने भी मुझे बहुत परेशान किया। 

सोनम कहती हैं, पीसीओएस के कारण मुझे कई हार्मोनल समस्याएं भी हुईं। जब मैं 16 साल की हुई तो मोटापे का शिकार हो गई, यह वह समय होता है जब आपको सबसे सुंदर होना चाहिए। मेरे चेहरे पर बाल थे और मुंहासे निकलने लगे। समय के साथ ये लक्षण तो ठीक हो जाते हैं पर इसका मानसिक असर बहुत परेशान करने वाला होता है। 

पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में होने वाली बहुत कॉमन समस्या है। भारत में हर पांच में से एक महिला में ये दिक्कत देखी जाती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। आइए पीसीओएस के बारे में जानते हैं।
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पीसीओएस की समस्या - फोटो : Freepik.com
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के बारे में जानिए

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) प्रजनन आयु की महिलाओं में होने वाली बीमारी है। हार्मोनल परिवर्तन से जुड़ी इस समस्या में आपका मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो जाता है। इसमें या तो कई बार पीरियड्स होता ही नहीं या फिर कई दिनों तक होता रह सकता है। 

पीसीओएस की समस्या के कारण आपकी ओवरी (अंडाशय) के बाहरी किनारे पर तरल पदार्थों से भरे छोटे-छोटे सिस्ट हो सकते हैं। पीसीओएस का समय पर निदान और लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए उपचार आवश्यक हो जाता है।
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महिलाओं की समस्या - फोटो : Freepik.com
पीसीओएस की पहचान कैसे की जाए?

पीसीओएस की समस्या आपके शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है। मासिक धर्म का अनियमित होना इसका सबसे आम लक्षण है। 

शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर काफी बढ़ जाने के कारण चेहरे और शरीर पर बहुत ज्यादा बाल हो सकते हैं। चेहरे पर मुंहासे और कुछ महिलाओं में गंजापन का भी खतरा बढ़ जाता है। पीसीओएस के लक्षण आमतौर पर मोटापा से ग्रस्त लोगों में अधिक गंभीर होते हैं। पीसीओएस की जटिलताओं का अगर उपचार न किया जाए तो इससे गर्भावस्था में भी दिक्कतें हो सकती हैं।

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पीसीओएस के कारण क्या दिक्कतें होती हैं? - फोटो : Freepik.com
क्यों होती है ये दिक्कत?

पीसीओएस की समस्या क्यों होती है इस बारे में विशेषज्ञों को सटीक जानकारी नहीं है। शोध से पता चलता है कि कुछ जीन पीसीओएस से जुड़े हो सकते हैं। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये दिक्कत रही है उनमें पीसीओएस होने का जोखिम और बढ़ जाता है। जिन लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस या फिर मोटापा की दिक्कत रही है उनमें भी पीसीओएस का जोखिम हो सकता है।

पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में टाइप-2 डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हृदय और रक्त वाहिकाओं की बीमारी होने का खतरा भी देखा जाता रहा है।
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पीसीओएस का क्या इलाज है? - फोटो : Freepik.com
पीसीओएस हो जाए तो क्या करें?

अध्ययनों से पता चलता है कि पीसीओएस को ठीक नहीं किया जा सकता है। उपचार के माध्यम से इसके लक्षणों को नियंत्रित करने और जटिलताओं को रोकने का प्रयास किया जाता है। लक्षणों को ठीक करने के लिए दवाओं के साथ रोगी को लाइफस्टाइल में सुधार करने की सलाह दी जाती है।

डॉक्टर आपको लो-कैलोरी वाले आहार के सेवन के साथ शारीरिक गतिविधियों की सलाह देते हैं जिससे वजन घटाने में मदद मिल सके। वजन को कंट्रोल में रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तनों और अधिक वजन के कारण डायबिटीज और हृदय रोग विकसित होने का खतरा भी अधिक होता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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