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Sleeping Problem: रात में बार-बार नींद टूटना हो सकता है इन गंभीर बीमारियों का संकेत, हो जाएं सतर्क

Tue, 13 Jan 2026 12:48 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Causes Of Interrupted Sleep: रात में बार-बार नींद टूटना एक सामान्य समस्या है, जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे थकान, तनाव आदि। मगर कई बार ये किसी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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रात में बार-बार नींद टूटने की समस्या - फोटो : Adobe Stock
Sleeping Problems at Night: एक स्वस्थ शरीर के लिए सात से आठ घंटे की अच्छी नींद बहुत जरूरी है। मगर अक्सर ये देखने को मिलता है कि बहुत से लोगों की रात में सोते समय कई बार नींद खुलती है। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को 'स्लीप फ्रैगमेंटेशन' कहा जाता है। ज्यादातर लोग रात में नींद खुलने को सामान्य तनाव या प्यास लगने जैसी छोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत आपके शरीर के भीतर पनप रही गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकती है।

बार-बार नींद टूटना न सिर्फ आपकी मानसिक एकाग्रता को प्रभावित करता है। जब आपको गहरी नींद नहीं मिलती, तो शरीर को खुद को ठीक करने का समय नहीं मिलता, जिससे आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और आप संक्रमणों और बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। इसलिए अगर आप भी रात में बार-बार जाग रहे हैं, तो यह समय सतर्क होने का है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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स्लीप एप्निया खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock
स्लीप एपनिया और श्वसन संबंधी समस्याएं
नींद टूटने का एक सबसे प्रमुख और गंभीर कारण ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया है। इसमें सोते समय सांस लेने की नली में बार-बार रुकावट आती है, जिससे ऑक्सीजन का लेवल गिर जाता है और मस्तिष्क शरीर को जगा देता है ताकि आप फिर से सांस ले सकें।

अगर आपको रात में अचानक सांस फूलने या भारी खर्राटों के साथ जागने की समस्या है, तो यह सीधा संकेत है कि आपके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को तत्काल जांच की जरूरत है।

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स्लीप एप्निया खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock
हृदय रोग और डायबिटीज का सीधा संबंध
बार-बार नींद खुलने का सीधा संबंध हृदय स्वास्थ्य से है। गहरी नींद न मिलने से शरीर में 'स्ट्रेस हार्मोन' कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और अनियमित दिल की धड़कन का कारण बनता है।

इसके अलावा नींद की कमी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती है, जिससे खून में शूगर का लेवल अनियंत्रित हो जाता है। अगर आपको रात में बार-बार पेशाब जाने की वजह से जागना पड़ रहा है, तो यह टाइप-2 डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।

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स्लीप एप्निया खर्राटे लेना - फोटो : Adobe Stock
मानसिक स्वास्थ्य और 'रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम'
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद नींद को बाधित करने वाले सबसे बड़े कारक हैं। इसके अलावा कई लोग 'रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम' से जूझते हैं, जिसमें सोने के दौरान पैरों में अजीब सी बेचैनी या झुनझुनी महसूस होती है, जिससे नींद खुल जाती है। यह समस्या अक्सर आयरन की कमी या तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी से जुड़ी होती है।
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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com
बेहतर नींद के लिए क्या करें?
रात में कई बार नींद टूटने की समस्या को नजरअंदाज करना आपके भविष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। समय पर बीमारी का पहचान ही आपको बड़ी बीमारियों के इलाज के खर्च और दर्द से बचा सकती है। अपनी 'स्लीप हाइजीन' सुधारें, गैजेट्स से दूर रहें और सोने का एक निश्चित समय तय करें। अगर समस्या दो सप्ताह से अधिक बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलकर 'स्लीप स्टडी' जरूर कराएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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