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विशेषज्ञ से जानिए: क्या पेट के बल सोना नुकसानदायक है? ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह

Sat, 09 Apr 2022 07:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट के बल सोना - फोटो : Pixabay
हम किस तरह से सोते हैं, इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। कुछ लोग सीधे पीठ के बल सोते हैं, जबकि कुछ को पेट के बल सोने की आदत होती है, वहीं कुछ लोग करवट होकर सोना पसंद करते हैं। ये सभी मुद्राएं हमारे शरीर की स्थिति को प्रभावित करती हैं। अगर आप भी पेट के बले सोते हैं तो यह आराम से सांस लेने में तो मदद करती है, पर लगातार इस तरह से सोने की आदत आपके लिए समस्याओं का भी कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ स्थितियों जैसे गर्भावस्था या पेट की सर्जरी की स्थिति में तो इस तरह से बिल्कुल नहीं सोना चाहिए।

तो क्या पेट के बल सोना सही नहीं है? विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो पेट के बल सोने से खर्राटे और स्लीप एपनिया की समस्या में राहत मिल सकती है, लेकिन इसके कारण कुछ दीर्घकालिक समस्याओं का जोखिम बढ़ भी जाता है। पेट के बल सोने वाले कुछ लोगों में शरीर के कई हिस्सों में दर्द की समस्या हो सकती है, जिसके कारण आपकी नींद पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में बहुत आवश्यक है कि आप सही ढंग से सोएं। आइए जानते हैं कि पेट के बल सोने की आदत के क्या फायदे और क्या नुकसान हो सकते है?
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सोने के तरीके से सेहत पर असर - फोटो : iStock
पेट के बल सोने का असर
मायोक्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार, पेट के बल सोने से आपकी पीठ और रीढ़ पर दबाव पड़ता है, ऐसा इसलिए क्योंकि आपका ज्यादातर वजन शरीर के बीच में होता है। जब आप सो रहे हों तो इसमें रीढ़ की एक तटस्थ स्थिति बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। रीढ़ पर तनाव और दबाव बढ़ने का असर शरीर के अन्य अंगों पर भी होता है। चूंकि रीढ़, शरीर की नसों के लिए एक पाइपलाइन है, ऐसे में रीढ़ की हड्डी में होने वाली दिक्कत के कारण इसका शरीर के कई हिस्सों में दर्द के रूप में प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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कई अंगों में हो सकती है दर्द की समस्या - फोटो : iStock
दर्द-झुनझुनी की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अक्सर पेट के बल सोने वाले लोगों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द, झुनझुनी और सुन्नता की समस्या हो सकती है। कुछ अंगों में ऐसा महसूस हो सकता है कि जैसे वह बिल्कुल निष्क्रिय हो गए हों। पेट के बल सोने की आदत के कारण यह आपके सिर और रीढ़ की अलाइंमेंट पर भी असर हो सकता है। अक्सर इसी तरह सोने की आदत वाले लोगों को गर्दन में दर्द और झुकाव की समस्या हो सकती है।

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गर्भावस्था में योग का रखें ध्यान - फोटो : iStock
गर्भावस्था में योगासनों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान नींद और विशेषकर सोने के तरीके को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। इस अवस्था में उल्टा सोने से बच्चे पर असर हो सकता है। हालांकि, जैसे-जैसे आपका पेट बढ़ता है, आपके लिए पेट के बल सोना स्वाभाविक रूप से असहज हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान नींद पूरी करने पर भी खास ध्यान देना जरूरी होता है।
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बेहतर सेहत के लिए सोने का पोजीशन रखें ठीक - फोटो : iStock
पेट के बल सोने के फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं ऐसा नहीं है कि पेट के बल सोने के सिर्फ नुकसान ही हैं, कुछ मामलों में इसके स्वास्थ्य लाभ भी देखे गए हैं। जैसे यदि आपको खर्राटे या स्लीप एपनिया जैसे नींद विकार की दिक्कत है तो इस तरह से सोने से आपको लाभ मिल सकता है। इसके अलावा सोते समय अगर आपको सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है तो भी इस तरह से सोना आपके लिए लाभप्रद माना जाता है, क्योंकि यह स्थिति स्वाभाविक रूप से आपके वायुमार्ग को खुला रखती है। 


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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