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हेल्थ टिप्स: माइग्रेन का सता रहा है दर्द तो कैसे पाएं आराम? ये बदलाव देते हैं बड़े फायदे

Thu, 17 Sep 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

माइग्रेन सिर्फ सामान्य सिरदर्द नहीं है। इसमें तेज दर्द के साथ मतली, उल्टी और रोशनी-आवाज से परेशानी हो सकती है। शांत और अंधेरे कमरे में आराम, ठंडी सिकाई, पर्याप्त नींद, हल्की मालिश और तेज रोशनी से बचाव कुछ लोगों को राहत दे सकता है।
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माइग्रेन की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
सिर में दर्द की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है, ये कई वजहों से हो सकता है। माइग्रेन भी इसी तरह का एक खास सिरदर्द है। इसमें दर्द अक्सर सिर के आगे वाले हिस्से, माथे या आंखों के आसपास महसूस होता है। इसके साथ जी मिचलाने, उल्टी और तेज रोशनी-आवाज से परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। माइग्रेन का अटैक कुछ घंटों से लेकर कई बार कई दिनों तक भी परेशान कर सकता है। इसमें दर्द इतना तेज हो सकता है कि रोजमर्रा के जरूरी काम करना और सामान्य रूप से देखना तक मुश्किल लगने लगता है।

माइग्रेन को एक तरह का साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर माना जाता है, मतलब कई बार स्ट्रेस-एंग्जाइटी जैसे मनोवैज्ञानिक कारक शारीरिक लक्षणों को पैदा करते हैं या उन्हें और अधिक गंभीर बना देते है।

कुछ लोगों में ये समस्या आनुवंशिक कारणों से होती है। इसके अलावा आसपास का वातावरण और शरीर में होने वाले कुछ बदलाव भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं। क्या आप भी माइग्रेन से परेशान रहते हैं?
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सिरदर्द की समस्या - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मस्तिष्क में मौजूद कुछ रसायनों में बदलाव को भी माइग्रेन से जोड़कर देखा जाता रहा है। हालांकि अगर आप दवाओं के साथ कुछ सावधानियां और जीवनशैली में बदलाव करते हैं तो इसके दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।

माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें?

माइग्रेन का दर्द होने पर सबसे पहले खुद को तेज रोशनी और शोर से दूर करें। किसी शांत और कम रोशनी वाले कमरे में कुछ देर आराम करना फायदेमंद हो सकता है।
 
  • तेज रोशनी और आवाज कई लोगों में दर्द को और बढ़ा सकती है। 
  • कुछ लोगों को सिर या गर्दन पर ठंडी पट्टी रखने से भी राहत महसूस होती है। 
  • अगर सिरदर्द बार-बार होता है या बहुत ज्यादा परेशान करता है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण पता चल सके और उचित इलाज मिल सके।
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अच्छी नींद जरूरी - फोटो : adobe stock
सिर की हल्की मालिश से मिल सकती है राहत

कुछ लोगों को माइग्रेन के दौरान या उससे बचाव के लिए सिर की हल्की मालिश से आराम मिल सकता है। तनाव और सिर-गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव कुछ लोगों में सिरदर्द को बढ़ा सकता है। ऐसे में हल्के हाथों से मालिश करने से तनाव कम करने और आराम महसूस करने में मदद मिल सकती है। 

नींद का रखें खास ध्यान

नींद की कमी को माइग्रेन को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। बहुत कम सोना ही नहीं, बल्कि जरूरत से ज्यादा सोना या सोने-जागने का समय बार-बार बदलना भी कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। इसलिए रोजाना एक तय समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। 
 
  • रात में सोने से पहले मोबाइल और दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। 
  • दिन में कुछ समय प्राकृतिक रोशनी में बिताना भी नींद के नियमित चक्र को बनाए रखने में मदद कर सकता है। 
  • कुछ लोगों को थोड़ी देर की झपकी से भी आराम मिल सकता है।
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माइग्रेन में सिरदर्द - फोटो : Freepik.com
तेज रोशनी से रहें बचकर

माइग्रेन में तेज रोशनी से परेशानी होना आम बात है। इसे फोटोफोबिया कहा जाता है। अगर रोशनी से सिरदर्द बढ़ता है, तो घर या काम की जगह पर बहुत तेज बल्ब या रोशनी से बचें। 
 
  • कमरे में ब्लैकआउट पर्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना और कंप्यूटर की स्क्रीन पर एंटी-ग्लेयर स्क्रीन का इस्तेमाल करना भी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। इस तरह उन चीजों से बचना आसान होता है जो माइग्रेन के दौरे को बढ़ा सकती हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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