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Sickle Cell: क्यों होती है सिकल सेल बीमारी? जानिए इसके लक्षण, बचाव और उपचार

Wed, 24 Jul 2024 10:38 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार, पित्ताशय की पथरी, बच्चों का विकास न होना, लीवर में सूजन और बार-बार बीमार होना इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं, जिसका कारण हेल्दी रेड ब्लड सेल्स की तुलना में सिकल कोशिकाओं का आसानी से टूटना है।
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सिकल सेल क्या है - फोटो : istock
दीपा श्रीवास्तव

कई बार आपको शरीर के किसी हिस्से में तेज और असहनीय दर्द महसूस होता है। यह सिकल सेल की वजह से भी हो सकता है। क्या आपने सिकल सेल बीमारी के बारे में सुना है? सिकल सेल को ‘द्रुमिका कोशिका’ या ‘द्रुमिका एनीमिया’ भी कहा जाता है। यह एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से सिकल के आकार की हो जाती हैं। यह विकार हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, जो रक्त में ऑक्सीजन के संचार के लिए जिम्मेदार होता है। रक्त कोशिकाओं के सिकल के आकार में बदलने से पीड़ित को असहनीय दर्द महसूस होता है, जिस वजह से वह दैनिक कार्यों को भी नहीं कर पाता है। लेकिन यह क्यों होता है और इसके उपाय क्या हैं, यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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क्या है वजह - फोटो : istock
क्या है वजह

सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक स्थिति है, जो कि मुख्यतः माता-पिता से मिले जीन से आती है और इसके बारे में पता भी तभी चलता है, जब ब्लड टेस्ट कराया जाता है। इस स्थिति में असामान्य आकार की लाल रक्त कोशिकाएं टूट जाती हैं और रक्त वाहिकाओं में फंस सकती हैं, जिससे रक्त प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। यह अवरोध ऑक्सीजन की कमी और प्रभावित अंगों एवं ऊतकों में दर्द का कारण बनता है, जिसे सिकल सेल संकट कहा जाता है।
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लक्षणों की पहचान - फोटो : istock
लक्षणों की पहचान

सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार, पित्ताशय की पथरी, बच्चों का विकास न होना, लीवर में सूजन और बार-बार बीमार होना इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं, जिसका कारण हेल्दी रेड ब्लड सेल्स की तुलना में सिकल कोशिकाओं का आसानी से टूटना है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर कम हो सकता है, जिसे एनीमिया के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा हाथ-पैर में दर्द, सूजन, पीलिया, आंखें सफेद होना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

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इलाज भी जान लें - फोटो : istock
इलाज भी जान लें

वर्तमान में सिकल सेल रोग का प्रभावी इलाज स्टेम सेल प्रत्यारोपण है, लेकिन सिकल सेल्स की समस्या में उपचार अलग-अलग तरीके से किए जाते हैं। रोगी की स्थिति के अनुसार चिकित्सक इलाज करते हैं। कई बार ब्लड में ऑक्सीजन बढ़ाने वाली दवाएं भी दी जाती हैं। हालांकि कुछ दवाएं गर्भावस्था के दौरान नहीं ली जा सकतीं, जिनका आपको ध्यान रखना होगा।
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सही मात्रा में पानी - फोटो : istock
सही मात्रा में पानी

हाइड्रेट रहना इस समस्या से दूर रहने का सबसे प्रभावी और आसान तरीका है। सही मात्रा में पानी पीने से रक्त पतला होता है और कोशिकाओं के फंसने का खतरा कम हो जाता है। वहीं, दर्द निवारक दवाएं भी आराम पहुंचाती हैं। फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेने से नई लाल रक्त कोशिकाएं बनने लगती हैं और आपको इस बीमारी से उबरने में मदद मिलती है।
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जीवन-शैली में बदलाव - फोटो : istock
जीवन-शैली में बदलाव

सिकल सेल से पीड़ित महिलाओं को अच्छी और सक्रिय जीवन-शैली अपनानी चाहिए। इसके लिए दिनचर्या में रोजाना हल्का व्यायाम शुरू करें। तनाव को कम करने पर ध्यान दें। इसके लिए आप योग, ध्यान और अन्य तकनीक अपना सकती हैं। इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें अधिक मात्रा में फलों और सब्जियों का समावेश हो।
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नजरअंदाज करना खतरनाक - फोटो : istock
नजरअंदाज करना खतरनाक

वरिष्ठ हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्येन्द्र सिंह कहते हैं, सिकल सेल एक आनुवांशिक बीमारी है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। इसका दर्द शरीर के किसी भी अंग में महसूस हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर हड्डियों, जोड़ों, छाती और पेट में ज्यादा महसूस होता है, जो कि हल्का, गंभीर या शरीर को कमजोर करने वाला हो सकता है। यह समस्या वयस्कों के साथ बच्चों में भी देखी जाती है। उन में इसके मुख्य लक्षण थकान के रूप में नजर आते हैं, इसलिए उनकी सेहत का विशेष ध्यान रखें। इस बीमारी का असर सही उपचार और देखरेख से कम किया जा सकता है। कोताही बरतने और इलाज में उपेक्षा करने से यह खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें और समय पर जांच कराएं, ताकि लक्षणों के आधार पर सही इलाज हो सके।
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