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Health Tips: रात में सोने नहीं देता कंधे का दर्द? एक्सपर्ट से जानें सही पोस्चर और राहत के आसान उपाय

Mon, 23 Feb 2026 07:28 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shoulder Pain Treatment Physiotherapy: आज के समय कंधे में दर्द होने एक आम समस्या बन गया है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह समस्या कम उम्र के लोगों में भी अब देखने को मिल रही है। इसलिए आइए इस लेख में इसके बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं।
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फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
How to Fix Shoulder Stiffness: आज की आधुनिक जीवनशैली में कंधे का दर्द एक महामारी की तरह फैल रहा है, जिससे न सिर्फ बुजुर्ग बल्कि युवा पीढ़ी भी बुरी तरह प्रभावित है। ऐसा होने के पीछे का एक बड़ा कारण है देर तक बैठे-बैठे स्क्रिन के सामने काम करना है। इसी विषय पर हमने कानपुर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट मानवेंद्र बरनवाल से बात की। उन्होंने बताया है कि लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने झुककर बैठना, गलत पोस्चर में सोना और शारीरिक निष्क्रियता इस दर्द के मुख्य कारण हैं। 

डॉक्टर मानवेंद्र के मुताबिक अक्सर लोग इसे मामूली मांसपेशियों का खिंचाव समझकर पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं, जो केवल कुछ समय के लिए राहत देते हैं। लेकिन अगर इस दर्द का सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह 'फ्रोजन शोल्डर' जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है, जिसमें कंधे की गति पूरी तरह रुक जाती है। ऐसे में फिजियोथेरेपी आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है जो न सिर्फ दर्द को जड़ से खत्म करती है, बल्कि कंधे की मांसपेशियों को लचीला बनाकर उसे पूरी तरह से ठीक कर सकती है।
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फिजियोथेरेपी - फोटो : Freepik.com
कंधे में दर्द क्यों होता है?
डॉक्टर मानवेंद्र बताते हैं कि हमारा कंधा शरीर का सबसे ज्यादा हिलने-डुलने वाला हिस्सा है, इसलिए इसमें चोट या खिंचाव का खतरा भी सबसे अधिक रहता है। अक्सर कंधे की मांसपेशियों में अंदरूनी चोट (रोटेटर कफ), नसों में सूजन या हड्डियों के बीच मौजूद तरल थैली में दिक्कत आने से दर्द शुरू होता है।

आजकल घंटों मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करने से गर्दन की नसें खिंच जाती हैं, जिसका सीधा असर कंधों पर पड़ता है। अगर आपको हाथ उठाने या घुमाने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है, तो इसे हल्के में न लें, यह भविष्य में कंधे के पूरी तरह जाम होने (फ्रोजन शोल्डर) का संकेत हो सकता है।
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फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
घर पर किए जाने वाले आसान उपाय
डॉक्टर मानवेंद्र के अनुसार, आप घर पर दो बहुत ही आसान व्यायामों से राहत पा सकते हैं। 
  • पहला है 'पेंडुलम स्ट्रेच' - इसमें एक मजबूत मेज का सहारा लेकर आगे झुकें और दर्द वाले हाथ को नीचे ढीला छोड़कर धीरे-धीरे गोल घुमाएं, जैसे घड़ी का पेंडुलम हिलता है। 
  • दूसरा है 'दीवार पर चढ़ना' - दीवार के सामने खड़े होकर अपनी उंगलियों को मकड़ी की तरह धीरे-धीरे ऊपर की ओर ले जाएं। ये दोनों तरीके कंधे की जकड़न को ढीला करते हैं और बिना किसी दवा के वहां खून का बहाव बढ़ाकर दर्द कम करते हैं।
 
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खराब पॉश्चर - फोटो : Adobe Stock
बैठने का तरीका और आदतों में बदलाव
अक्सर कंधे का दर्द हमारी अपनी गलतियों से बढ़ता है। फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह है कि ऑफिस में काम करते समय हर आधे घंटे में अपने कंधों को गोल-गोल घुमाएं (शोल्डर रोल), ताकि मांसपेशियों को आराम मिले। सोते समय बहुत ऊंचा या सख्त तकिया न लगाएं, क्योंकि इससे गर्दन और कंधे की नसों पर दबाव पड़ता है। दर्द होने पर आप गर्म पानी की थैली या बर्फ से सिकाई भी कर सकते हैं। आमतौर पर पुरानी जकड़न में गर्म सिकाई और ताजी चोट या सूजन में बर्फ की सिकाई ज्यादा फायदा पहुंचाती है।

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फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास?
डॉक्टर मानवेंद्र ने बताया कि अगर कंधे का दर्द 2-3 दिनों में ठीक न हो या दर्द की वजह से आपकी रात की नींद खराब होने लगे, तो तुरंत किसी अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट को दिखाएं। फिजियोथेरेपी एक ऐसा नेचुरल तरीका है जो बिना किसी ऑपरेशन या भारी दवाओं के आपके शरीर को खुद ठीक होने की शक्ति देता है। ध्यान रखें दर्द को सहना बहादुरी नहीं है, सही समय पर सही इलाज करना ही समझदारी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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