हृदय-किडनी रोगों का खतरा कैसे कम करें?
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अध्ययन में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं ने 2003 से 2006 के नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे के डेटा का इस्तेमाल किया, जिसमें लगभग 7,200 वयस्कों से हेल्थ और फिजिकल एक्टिविटी की जानकारी इकट्ठा की गई थी। इसमें प्रतिभागियों के शारीरिक परीक्षण, ब्लड सैंपल और एक्सेलेरोमीटर से मापी गई 7 दिनों तक की एक्टिविटी लेवल की जानकारी शामिल थी। एक्सेलेरोमीटर ऐसे डिवाइस है जो कई दिनों तक किसी व्यक्ति की मूवमेंट को माप सकती है।
- एक्सेलेरोमीटर रीडिंग का इस्तेमाल करके लेखकों ने नोट किया कि शारीरिक गतिविधि कैसी भी हो, आपकी सेहत को लाभ दे सकती है।
- हल्की फिजिकल एक्टिविटी वे गतिविधियां है जिसे आप बिना सांस फूले कर सकते हैं। सेहत के लिए ये भी कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कार्डियोवैस्कुलर-किडनी-मेटाबोलिक सिंड्रोम को रोकने के लिए फिजिकल एक्टिविटी, हेल्दी डाइट और सही समय पर दवा लेने की सलाह दी जाती है। अध्ययन के लेखकों कहा कि आम फिजिकल एक्टिविटी गाइडलाइंस में बताई गई मध्यम से लेकर तेज स्तर की गतिविधि आमतौर पर एडवांस्ड स्टेज के रोगियों के लिए मुमकिन नहीं हैं।
जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में एपिडेमियोलॉजी के प्रोफेसर माइकल फैंग कहते हैं, इस बात के सबूत मिले हैं कि वाकिंग या बागवानी जैसी हल्की एक्टिविटी दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, दिल की बीमारी वाले लोगों के लिए लंबे समय तक वॉक करने की आदत कितनी फायदेमंद है इसकी जांच नहीं की गई है।
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स्रोत:
Movement matters: Light activity led to better survival in diabetes, heart, kidney disease
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