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Corona Second Wave: दूसरी लहर का कोरोना है बहुत खतरनाक, जानिए लक्षण और इससे बचने के उपाय

Sat, 28 Nov 2020 01:50 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना की दूसरी लहर के अधिक हैं दुष्प्रभाव - फोटो : अमर उजाला

विश्व के विभिन्न देशों में कोरोना की दूसरी लहर दस्तक दे चुकी है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में आए दिन हजारों की संख्या में मरीज आ रहे हैं। इतिहास के पन्नों को उल्टे तो यह स्पष्ट है कि कोरोना की दूसरी लहर के अधिक दुष्प्रभाव होंगे। 1917 में स्पेनिश फ्लू नामक जो महामारी आई थी, जब 1919 में उसकी दूसरी लहर आई तो वह पहले से ज्यादा खतरनाक साबित हुई। वैश्विक स्तर पर कोरोना की दूसरी लहर से बचने के लिए तरह-तरह के निर्णय लिए गए हैं। स्पेन ने कोरोना इमरजेंसी की अवधि को मार्च से मई तक के लिए बढ़ा दिया है, यू.के ने एक माह का लॉकडाउन घोषित किया गया है, फ्रांस और जर्मनी में भी 2 और 4 सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम व्यक्तिगत स्तर पर जानें कि दूसरी लहर में कितना प्रभावशाली है कोरोना और इससे बचने के उपाय।

 

 

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कोरोना के दूसरे चरण में लक्ष्णों की संख्या में वृद्धि पाई गई - फोटो : अमर उजाला

लक्षण-
दूसरी लहर में आए कोरोना पीड़ितों में मौजूद लक्षणों का जब चिकित्सकों ने अवलोकन किया तो कोरोना के पहले चरण के मुकाबले लक्ष्णों की संख्या में वृद्धि पाई गई। डॉक्टरों के पर्यवेक्षण के आधार पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि कोरोना के इस द्वितीय चरण में कितने दिनों में दिखने लगते हैं किस तरह के लक्षण। कोरोना के लक्षणों को तीन भागों में बांटा गया है, पहला, दूसरा और तीसरा। 

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संक्रमण के तीसरे दिन से दिखने लगते हैं लक्षण - फोटो : social media

पहला भाग 
इसमें संक्रमण के तीसरे दिन से दिखने लगते हैं यह लक्षण-
-शरीर में दर्द
-आंखों में दर्द
-सिर दर्द
-उल्टी, दस्त
-नाक का बहना
-आंखों में जलन
-पेशाब के दौरान जलन होना
-बुखार के जैसा महसूस होना
-गले में खराश

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संक्रमण के चौथे से आठवें दिन तक दिखते हैं अलग लक्षण - फोटो : getty images

दूसरा भाग
इसमें संक्रमण के चौथे से आठवें दिन तक दिखते हैं यह लक्षण-
-स्वाद न आना
-आलस्य का बने रहना
- सीने में कसाव का महसूस होना
-सीने में दर्द
-किडनी के क्षेत्र में दर्द सा महसूस होना
- सांस लेने में समस्या होना
- उठने- बैठने में थकान का बने रहना

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तीसरा भाग
संक्रमण के नौवें दिन से उपचार होने लगता है। 
आठ दिनों तक जब इंसान में यह लक्षण रहते हैं, तो नौवे दिन से शरीर में खुद से ही उपचार होने लगता है। फिर यह उपचार की प्रक्रिया अगले चौदह दिन तक चलती है। उपचार के तत्काल प्रभाव के लिए बेहद आवश्यक है कि वे सब करेंगे जो आपके चिकित्सक ने बताया है और इन चौदह दिनों के लिए किसी के भी संपर्क में न आएं, भले ही आपके शरीर में अब किसी भी प्रकार के लक्षण न हों। 
नोट- संक्रमण के बाद से किसी भी दिन यदि इन बुखार आता है, तो बजाय किसी घरेलू उपाय के सीधा चिकित्सक से संपर्क करें वरना स्वास्थ्य आगे चलकर और भी बिगड़ सकता है। 

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7-8 घंटे की नींद करें पूरी - फोटो : iStock

आदत में शामिल करें ये बातें-
-प्रतिदिन 15-20 मिनट के लिए धूप में बैठें
- 7-8 घंटे की नींद पूरी करें
- सर्दियों में पानी को नजरअंदाज न करें, रोज 1 से डेढ़ लीटर पानी जरूर पिएं
- ठंडा खाना न खाएं

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केले का पीएच लेवल- 9.2 - फोटो : Pixabay

पीएच रेंज का रखना होगा ख्याल-
कोरोनावायरस का पीएच 5.5 से 8.5 के बीच होता है इसलिए बेहद आवश्यक है कि वायरस से बचाव के लिए हम 8.5 से ऊपर पीएच लेवल वाली चीजों का सेवन करें।
केला- 9.2 पीएच
नींबू- 8.2 पीएच
लहसुन- 13.2 पीएच
आम- 8.7 पीएच
पाइनएप्पल- 12.7 पीएच
संतरा- 9.2 पीएच

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