एलर्जी के कारण होने वाली दिक्कतें
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एलर्जी का खतरा और इसके लक्षण
मार्च और अप्रैल के शुरुआती महीनों में पेड़-पौधों से सूक्ष्म परागकणों की मात्रा हवा में काफी बढ़ जाती है। ये शरीर में प्रवेश करके एलर्जिक राइनाइटिस, छींक, नाक बहने, आंखों में एलर्जी और पानी आना जैसी समस्याएं पैदा करते हैं।
- तापमान बढ़ने से डस्ट माइट्स की संख्या भी बढ़ती है, जो अस्थमा और त्वचा एलर्जी का कारण बन सकते हैं।
- बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या साइनस की समस्या से जूझ रहे लोगों में इस दौरान जोखिम अधिक रहता है।
एलर्जी तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किसी सामान्य और हानिरहित पदार्थ को भी खतरनाक समझकर उस पर अत्यधिक प्रतिक्रिया देती है। पोलन, धूल, पालतू जानवरों के बाल, कुछ खाद्य पदार्थ या दवाओं से आपको एलर्जी हो सकती है।
इस मौसम में परागकण और फफूंद हवा में फैले होते हैं जो लोगों को एलर्जी की चपेट में ले रहे हैं। इस स्थिति में दवाएं राहत तो देती हैं, पर सही आहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए इस मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।