मृत्यु जीवन का अटल सत्य है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मृत्यु के पश्चात शरीर से आत्मा निकल जाती है और शरीर निष्क्रिय हो जाता है। मेडिकल साइंस भी यह मानता रहा है कि मृत्यु के पश्चात शरीर के अंग कार्य करना बंद कर देते हैं, सांस रुक जाती है, रक्त का प्रवाह शांत हो जाता है और कुछ घंटों के बाद स्वाभाविक रूप से शरीर का विघटन होने लगता है। सीधे शब्दों में समझें तो मत्यु के पश्चात शरीर पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाता है।
क्या मेडिकल साइंस में ऐसा कोई उपाय है, जिससे मृत शरीर में दोबारा से जान फूंकी जा सके या फिर मृत्यु के पश्चात शरीर के अंगों को दोबारा से सक्रिय बनाया जा सके? यह निश्चित ही असंभव प्रतीत होने वाली बात लगती है, हालांकि हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा हैरतअंगेज कर डाला है, जिसने पूरी दुनिया को चकित कर दिया है।
अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने मौत की अपरिवर्तनीय प्रकृति में बदलाव करने का दावा किया है। एक प्रयोग के दौरान वैज्ञानिकों ने मृत व्यक्ति की आंखों में प्रकाश-संवेदी न्यूरॉन कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने का दावा किया है। यूटा विश्वविद्यालय स्थित जॉन ए मोरन आई सेंटर में शोधकर्ताओं ने यह अनूठा प्रयोग किया है। इस प्रयोग की रिपोर्ट के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या वास्तव में मृत व्यक्ति के अंगों को दोबारा से सक्रिय बनाया जा सकता है? आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।