भारत सहित दुनियाभर में फिलहाल कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की रफ्तार थमती नजर आ रही है। कोरोना के कम होते रोजाना के मामले सुकून देने वाले हैं, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खतरा अभी टला नहीं है इसलिए इस समय बचाव के उपायों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, नए वैरिएंट्स के उभरने के साथ, कोरोनावायरस ने अपने मूल रूप से आकार को काफी बदल दिया है। अब यह मानव अंगों पर अलग तरह से हमला करता है। डेल्टा जैसे वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
कोरोना के खतरे को लेकर अध्ययनकर्ताओं की एक टीम ने बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिक बताते हैं कि लोगों को एक साथ कोरोना के कई वैरिएंट्स से संक्रमण हो सकता है, इतना ही नहीं कुछ वैरिएंट्स प्रतिरक्षा प्रणाली से बचकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों में छिपे भी रह सकते हैं। इससे संक्रमितों को पूरी तरह से कोविड-19 से छुटकारा पाना भी मुश्किल हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आ जाने का मतलब यह नहीं है कि आप ठीक हो गए हैं, अगर वायरस शरीर में छिपा रहता है तो इससे बाद में फिर दिक्कत बढ़ने का जोखिम हो सकता है।