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Baby Care Tips: जन्म के तुरंत बाद बच्चे को नमक चटाना कितना खतरनाक? डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी

Fri, 17 Apr 2026 10:54 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Salt For Newborn Baby: कई जगहों पर बच्चों को पैदा होते ही नमक चटाने की प्रथा है। येकितना सही है, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे। 
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क्या नवजात को नमक चटाना चाहिए? - फोटो : AI
 Salt For Newborn Baby: भारत के कई हिस्सों में नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद उसे नमक चटाने की परंपरा आज भी प्रचलित है। इसे कुछ लोग शुभ मानते हैं, तो कुछ इसे पुराने रीति-रिवाजों का हिस्सा बताते हैं। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इस प्रथा को सुरक्षित नहीं मानता।

जन्म के बाद शिशु का शरीर बेहद नाजुक होता है और उसका पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में नमक जैसी चीजें देना उसके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं कि नवजात को नमक चटाना कितना सही है और इससे क्या खतरे हो सकते हैं।
 
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क्या नवजात को नमक चटाना चाहिए? - फोटो : Freepik.com
किडनी पर पड़ता है बुरा असर

नवजात शिशु की किडनी जन्म के समय पूरी तरह विकसित नहीं होती। ऐसे में जब उसे नमक दिया जाता है, तो शरीर में सोडियम का स्तर अचानक बढ़ सकता है। किडनी इतनी कम उम्र में अतिरिक्त सोडियम को फिल्टर करने में सक्षम नहीं होती, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है। गंभीर मामलों में यह स्थिति इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और किडनी फेलियर तक ले जा सकती है। इसलिए डॉक्टर नवजात को नमक देने से सख्त मना करते हैं।

 
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क्या नवजात को नमक चटाना चाहिए? - फोटो : Freepik.com
डिहाइड्रेशन का खतरा

नमक शरीर में पानी के संतुलन को प्रभावित करता है। जब छोटे बच्चे को नमक दिया जाता है, तो उसके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। नवजात पहले से ही बहुत संवेदनशील होते हैं और उनमें पानी की कमी जल्दी हो जाती है। इसके लक्षणों में सुस्ती, कम पेशाब, मुंह सूखना और रोते समय आंसू न आना शामिल हैं। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
 

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क्या नवजात को नमक चटाना चाहिए? - फोटो : Freepik.com

संक्रमण का जोखिम

जन्म के तुरंत बाद शिशु की इम्यूनिटी बेहद कमजोर होती है। इस समय उसे किसी भी बाहरी पदार्थ जैसे नमक, शहद या घुट्टी का सेवन कराना संक्रमण का खतरा बढ़ा देता है। नमक साफ दिखने के बावजूद उसमें बैक्टीरिया या अशुद्धियां हो सकती हैं। इसके अलावा, इसे देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हाथ या उंगलियां भी संक्रमण का स्रोत बन सकती हैं। इससे पेट में संक्रमण, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

 
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मेडिसिन - फोटो : Freepik.com
डॉक्टर क्या कहते हैं

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के बाद नवजात के लिए केवल मां का दूध ही सबसे सुरक्षित और संपूर्ण आहार है। मां के दूध में सभी जरूरी पोषक तत्व सही मात्रा में होते हैं, जिसमें सोडियम भी शामिल है। 6 महीने तक बच्चे को किसी भी तरह का अतिरिक्त नमक, पानी या बाहरी आहार देने की जरूरत नहीं होती। यह न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि बच्चे की इम्यूनिटी और विकास के लिए भी बेहद जरूरी है।
 
 
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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