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Alert: कहीं आपको भी न हो जाए सलमान खान वाली बीमारी? बिना लक्षणों के भी हो सकती है ये दिक्कत

Thu, 08 Jan 2026 07:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • सलमान खान ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्हें ब्रेन एन्यूरिज्म की समस्या रही है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, चाहे वह फिट ही क्यों न दिखे।
  • ब्रेन एन्यूरिज्म का मतलब दिमाग की किसी रक्त नली की दीवार का कमजोर होकर गुब्बारे की तरह फूल जाना होता है।
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सलमान खान को ब्रेन एन्यूरिज्म की समस्या - फोटो : Freepik.com
बीमारियां कभी भी किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं और जिस तरह से समय के साथ लोगों की दिनचर्या और खानपान में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, इसने बीमारियों को और भी आम बना दिया है। फिट दिखना और स्वस्थ होना, दो अलग-अलग चीजें हैं, बॉलीवुड अभिनेता और युवाओं के आइकन सलमान खान की सेहत को लेकर जब चर्चा होती है तो ये बात फिट बैठती दिखती है।

अपनी लुक को लेकर युवाओं के दिलों पर राज करने वाले सलमान खान कई ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं जिसके कारण उनका दैनिक जीवन भी एक समय काफी कठिन हो गया है। खुद भाईजान ने कई इंटरव्यूज में अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर खुल कर बात की है।

इस आर्टिकल में हम सलमान खान की एक बीमारी ब्रेन एन्यूरिज्म पर बात करेंगे। मस्तिष्क की रक्त वाहिका से संबंधित ये समस्या काफी गंभीर हो सकती है और जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
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सलमान खान की हेल्थ समस्याएं - फोटो : @twitter: Salman khan
कई बार बीमारियों को लेकर खुल कर बोल चुके हैं सलमान

एक टीवी शो के दौरान सलमान ने अपनी बीमारियों को लेकर खुल कर बात की थी। अभिनेता ने कहा, मुझे ब्रेन एन्यूरिज्म सहित ट्राइजेमिनल न्यूरलजिया और एवी मालफॉर्मेशन जैसी गंभीर समस्याएं हैं। इनके बावजूद काम कर रहा हूं। सेहत से संबंधित कई प्रकार की चुनौतियां आपके सामने लगातार बनी रहती हैं पर आपको काम भी करते रहना होता है।

इस आर्टिकल में आइए ब्रेन एन्यूरिज्म के बारे में जानते हैं। आखिर ये बीमारी होती क्यों है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे आप कैसे बचे रह सकते हैं।
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ब्रेन की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
ब्रेन एन्यूरिज्म के बारे में जानिए

ब्रेन एन्यूरिज्म एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में उभार या गुब्बारा जैसे फूलने की दिक्कत आ जाती है। जब रक्त वाहिका से बहने वाला रक्त, वाहिका की दीवार के कमजोर हिस्से पर अतिरिक्त दबाव डालने लगता है तो इस तरह की समस्या होती है। दबाव बढ़ने पर वाहिकाओं के फटने और खून के लीक करने का भी खतरा रहता है जिससे रक्तस्रावी स्ट्रोक हो सकता है।

कई मामलों में यह एन्यूरिज्म वर्षों तक बिना किसी लक्षण के मौजूद रह सकता है और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता। समस्या तब गंभीर हो जाती है जब यह एन्यूरिज्म फट जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स पर गौर करें तो पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान, जेनेटिक कारण, उम्र बढ़ने और कुछ जन्मजात बीमारियों के कारण इसका खतरा बढ़ जाता है।

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मस्तिष्क में होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
ब्रेन एन्यूरिज्म में क्या दिक्कतें होती है?

ब्रेन एन्यूरिज्म के कारण कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। रक्त वाहिकाओं में उभार की स्थिति में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। कुछ लोगों को आंखों के पीछे दर्द,  धुंधला दिखने, चेहरे के एक हिस्से में सुन्नता महसूस हो सकती है।

हालांकि जब ये उभार यानी एन्यूरिज्म अचानक फट जाता है तो इसके कारण तेज दर्द के साथ उल्टी, मतली, गर्दन में अकड़न, तेज रोशनी से परेशानी, बेहोशी, दौरे पड़ने और बोलने या समझने में दिक्कत हो सकती है।

ब्रेन एन्यूरिज्म के 30 से 40 प्रतिशत मामलों में मरीज की जान भी जा सकती है।
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ब्रेन हेल्थ को कैसे ठीक रखें? - फोटो : Adobe stock
ब्रेन एन्यूरिज्म से कैसे बचा जा सकता है

ब्रेन एन्यूरिज्म से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके लिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर धमनी की दीवारों पर लगातार दबाव डालता है। 

धूम्रपान और तंबाकू की आदत एन्यूरिज्म के बनने और फटने के खतरे को कई गुना बढ़ा देते है, इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रण में रखकर आप कई तरह की दिक्कतों से बच सकते हैं।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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