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Fitness Trainer Dies: वेट लॉस चैलेंज ने ले ली फिटनेस कोच की जान, आप भी तो नहीं कर रहे ऐसी जानलेवा गलती?

Thu, 27 Nov 2025 04:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 30 वर्षीय रशियन फिटनेस कोच और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दिमित्री नुयानजिन की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। उन्होंने अपने नए वेट लॉस प्रोग्राम को प्रमोट करने के लिए पहले तेजी से वजन बढ़ाने और फिर इसे तेजी से कम करने का चैलेंज लिया था। 
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फिटनेस कोच दिमित्री नुयानजिन - फोटो : insta@dmitryfit
बढ़ता वजन-मोटापा मौजूदा समय की सबसे आम और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जो सीधे तौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म देती है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को वजन कंट्रोल में रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

पर वजन घटाने की प्रक्रिया में बहुत जल्दबाजी के प्रयास कई बार घातक भी हो सकते हैं। ऐसे ही एक मामले मामले में फिटनेस कोच और इंफ्लूएंसर की मौत हो गई है। सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट ने बहस छेड़ दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 30 वर्षीय रशियन फिटनेस कोच और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दिमित्री नुयानजिन की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। उन्होंने अपने नए वेट लॉस प्रोग्राम को प्रमोट करने के लिए पहले तेजी से वजन बढ़ाने और फिर इसे तेजी से कम करने का चैलेंज लिया था। हालांकि इस दौरान उनकी सेहत बिगड़ गई और कथित तौर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से ही सभी लोगों को अलर्ट करते रहे हैं कि तेज से वजन बढ़ाना या कम करना दोनों ही सेहत के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है।
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वजन बढ़ाना और इससे संबंधित चुनौतियां - फोटो : Freepik.com
वेट चैलेंज ने ले ली फिटनेस कोच की जान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिटनेस कोच दिमित्री ने हाई-कैलोरी, बिंज-ईटिंग चैलेंज लिया था। उनका लक्ष्य तेजी से 22 किलो से ज्यादा वजन बढ़ाना था, जिसके बाद वह अपने नए फिटनेस और न्यूट्रिशन कोर्स का इस्तेमाल करके दिखाना चाह रहे थे कि इस बढ़े हुए वजन को कैसे तेजी से कम किया जा सकता है।

इसके लिए वह वजन बढ़ाने के लिए कुछ हफ्तों से हर दिन 10,000 कैलोरी वाली चीजें ले रहे थे जिसमें ज्यादातर कोलेस्ट्रॉल वाले फास्ट फूड आइटम थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिमित्री ने चैलेंज के तहत एक महीने में ही लगभग 13 किलो से ज्यादा वजन बढ़ा लिया था। 18 नवंबर को इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने बताया था कि उनका वजन 103 किलो है।
 

हालांकि कुछ ही दिनों में हाई कैलोरी लेने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिसके कारण उन्हें सडेन कार्डियक अरेस्ट हुआ।
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वेट लॉस चैलेंज - फोटो : Freepik.com
खबरों के मुताबिक हाल ही में उन्होंने एक वेट लॉस कोर्स का प्रमोशन किया था, जिसमें नए साल तक उनके प्रोग्राम का इस्तेमाल करके 10% वजन कम करने वाले को इनाम देने की पेशकश की गई थी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वजन कम करना हो या घटाना, दोनों ही धीमी प्रक्रिया से किए जाने चाहिए। तेजी से किए गए प्रयासों के कारण स्वास्थ्य पर कई प्रकार के नकारात्मक असर हो सकते हैं और इससे जान जाने का भी खतरा रहता है।

(साल 2050 तक दुनियाभर में आधे से ज्यादा वयस्क हो सकते हैं मोटापे का शिकार, शहरों में सबसे ज्यादा संकट)

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वजन न तेजी से घटाएं, न बढ़ाएं - फोटो : Freepik.com
तेजी से वजन बढ़ाना खतरनाक

स्वास्थ्य विशषज्ञ कहते हैं, कोई भी ऐसा तरीका जो तेजी से वजन बढ़ाता है वो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके कारण हृदय की गंभीर समस्या, किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम हो सकता है। एक महीने के भीतर 1.5 किलो से 3.5 किलो तक वजन बढ़ाना ठीक है पर इससे अधिक वजन बढ़ना नुकसानदायक हो सकता है।
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मोटापा कम करने से संबंधित सावधानियां - फोटो : Adobe stock
वजन घटाने में भी न करें जल्दबाजी

इसी तरह से तेजी से वजन कम करना भी खतरनाक है।  बहुत तेजी से वजन घटाने से मांसपेशियों की हानि, पोषक तत्वों की कमी से लेकर गॉलब्लेडर में पथरी तक की समस्या होने का खतरा अधिक होता है। हमेशा धीमी, स्थिर गति से वजन कम करना बेहतर होता है। बहुत तेजी से वजन कम करने से आपका मेटाबोलिज्म भी धीमा हो सकता है। मेटाबॉलिज्म में होने वाली इस तरह की समस्या के कारण पूरे शरीर पर असर हो सकता है।

अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से सालभर में घटाया 63 किलो वजन घटाने के बाद महिला की मौत हो गई थी, यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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