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क्या कोरोना का टीका लगाने से बदल जाएगा आपका डीएनए? जानें क्या है इसकी सच्चाई

Wed, 13 Jan 2021 04:59 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस को मात देने के लिए कोरोना वैक्सीन पूरी तरह तैयार है, और 16 जनवरी से लोगों को टीका लगाने का अभियान भी चालू हो जाएगा। ऐसे में देश में जगह-जगह वैक्सीन को पहुंचाया जा रहा है, लेकिन कुछ शरारती तत्व हैं जो सोशल मीडिया के जरिए कोरोना वैक्सीन को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ा रहे हैं, और लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम और डर पैदा कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि कोरोना का टीका लेने से हमारा डीएनए बदल जाएगा, तो कोई कह रहा है कि इस वैक्सीन से शरीर में चिप डाली जाएगी। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इन दावों में कितना सच है और कितना झूठ।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आज के दौर में सोशल मीडिया के जरिए कई तरह की भ्रमक जानकारियां फैलाई जाती हैं, तो भला इससे कोरोना वैक्सीन कैसे अछूती रह जाती। ये अफवाह फैलाई जा रही है कि कोरोना का टीका लगने के बाद व्यक्ति का डीएनए बदला जा सकता है। दरअसल, फाइजर बायोएनटेक व मॉडर्ना की बनाई गई कोरोना वैक्सीन के टीकों में वायरस के अनुवांशिक तत्वों के अंश यानी मैसेंजर आरएनए का उपयोग किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इसी बात को आधार बनाकर ये अफवाह उड़ाई जा रही है कि टीका लगाने के बाद इंसान का डीएनए बदला जा सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफरी आलमंड का कहना है कि व्यक्ति के शरीर में आरएनए को प्रवेश कराने से उनकी मानव कोशिकाओं के डीएनए पर कुछ प्रभाव नहीं पडे़गा। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर ये भी अफवाह फैलाई जा रही है कि जब कोरोना से ठीक होने की दर 99.97 प्रतिशत है, तो फिर टीका लगवाने की जरूरत नहीं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
वहीं, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सांख्यिकीविद जेसन ओके के मुताबिक, कोरोना से ठीक होने का रेट 99.97 नहीं बल्कि लगभग 99 प्रतिशत है। इसके हिसाब से 10 हजार मरीजों में से 100 लोगों की मौत हो जाएगी। लेकिन सोशल मीडिया पर मीम के जरिए ये बताया जा रहा है कि 10 हजार में से तीन की ही मौत हो रही है। जेसन कहते हैं कि जो मरीज कोरोना से ठीक हो रहे हैं, उनमें लंबे समय तक कोविड-19 से जुड़े असर रहते हैं, इसलिए टीका लगाकर ठीक हुआ जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सोशल मीडिया के जरिए ये भी अफवाह फैलाई गई कि कोरोना वैक्सीन के जरिए इंसानों के शरीर में एक खास चिप लगाई जाएगी, जिससे उन्हें सरकार या उद्योगपति अपने कब्जे में ले सकें। पिछले साल जब टीका बनने की बात सामने आई थी, तब ही से ये अफवाह फैलने लग गई थी। इस अफवाह में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स तक के नाम को घसीटा गया था कि वो लोगों के शरीर में एक खास चिप लगवाने की योजना बना रहे हैं। इस अफवाह पर खुद गेट्स की पत्नी ने सामने आकर इसे फर्जी खबर बताया था।
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