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Alert: चूहों से फैलने वाली बीमारी से तीन की मौत, जानिए क्या है हंटावायरस संक्रमण और इसके लक्षण

Thu, 07 May 2026 04:27 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हंटावायरस मुख्य रूप से चूहों के पेशाब, लार और मल के संपर्क में आने से फैलता है। शुरुआत में इसके लक्षण बिल्कुल फ्लू जैसे होते हैं, पर ये गंभीर रूप भी ले सकता है। हाल ही में  एक क्रूज शिप में इस बीमारी से तीन लोगों की मौत हो गई है।
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हंटावायरस प्रकोप का अलर्ट - फोटो : Amarujala.com/AI
पिछले एक दशक में वैश्विक स्तर पर कई गंभीर और संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता देखा गया है। 2020-23 तक देखा गया कोरोनावायरस का प्रकोप हो या फिर पिछले साल यूके-यूएस समेत कई देशों में रिपोर्ट किए गए इंफ्लुएंजा वायरस के नए स्ट्रेन के खतरे, निपाह हो या फिर मंकीपॉक्स का संक्रमण इन सभी बीमारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार दबाव बढ़ाया हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स में  हंटावायरस संक्रमण के प्रकोप को लेकर लोगों को सावधान किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर फैली बीमारी के कारण तीन लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बीमार हैं। विशेषज्ञों को शक है कि यह चूहों से फैलने वाला हंटावायरस संक्रमण का प्रकोप हो सकता है।

हंटावायरस सदियों से मौजूद है और इसके मामले एशिया और यूरोप में देखे जाते रहे हैं। चूहों से फैलने वाली ये बीमारी 35-60% लोगों में मौत का कारण बनती है, जिस लेकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। 
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हंटावायरस के कारण होने वाले खतरे - फोटो : Adobe Stock
लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है डब्ल्यूएचओ

इस आउटब्रेक पर  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। संक्रमण के शिकार लोगों को मेडिकल सहायता पहुंचाई गई है।

 


डब्ल्यूएचओ ने कहा, क्रूज शिप से जुड़ी घटना पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है। अब तक लैब में हंटावायरस के एक मामले की पुष्टि हुई है। पांच अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। एक व्यक्ति अभी दक्षिण अफ्रीका में इंटेंसिव केयर में है।
 
  • यात्रियों और क्रू को चिकित्सा सहायता दी जा रही है। वायरस की सीक्वेंसिंग भी चल रही है। 
  • हंटावायरस संक्रमण आमतौर पर पर्यावरणीय संपर्क (संक्रमित चूहों के पेशाब या मल के संपर्क में आने) से जुड़ा होता है। 
  • वैसे तो यह दुर्लभ है, फिर भी हंटावायरस लोगों के बीच फैल सकता है और इससे गंभीर श्वसन संबंधी रोगों खतरा रहता है।
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चूहों से फैलने वाली संक्रामक बीमारी - फोटो : Adobe Stock
हंटावायरस और इसके खतरे को जानिए
 
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि चूहों के अलावा ये गिलहरियों से भी फैल सकता है। वैसे तो इसके लक्षण हल्के होते हैं पर गंभीर स्थितियों में इससे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचने के साथ जानलेवा जोखिम भी हो सकते हैं।  जैसे-जैसे यह बीमारी फैलती है, इससे दिल की धड़कन तेज होने और सांस लेने में तकलीफ की दिक्कत बढ़ जाती है। समय पर बीमारी की पहचान और इलाज न हो पाए तो इससे जान जाने तक का खतरा रहता है।

 
  • हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम के मामले पहले ही पूरी दुनियाभर में देखे जाते रहे हैं।
  • लेकिन कुल मिलाकर, यह एक दुर्लभ बीमारी है। 1993 से 2022 के बीच, यूएस में इसके 864 मामले रिपोर्ट किए गए थे।
  • अगर आप ऐसी जगहों पर रहते हैं जहां चूहे ज्यादा हों, ऐसे में आपको फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है। 

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हंटावायरस के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
हंटावायरस संक्रमण की पहचान क्या है?

पिछले साल यह बीमारी तब चर्चा में आई थी, जब अभिनेता जीन हैकमैन की पत्नी बेट्सी अराकावा की मौत न्यू मैक्सिको में हंटावायरस से हो गई थी।
 
  • शुरुआत में इसके लक्षण बिल्कुल फ्लू जैसे होते हैं जिसमें बुखार आने, ठंड लगने, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द जैसी दिक्कतें होती हैं।
  • शुरुआती समय में यह पहचानना मुश्किल होता है कि यह फ्लू है या हंटावायरस।
  • जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, इसके कारण सीने में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।
  • इस बीमारी के कारण फेफड़ों में पानी भरने लगता है, जिससे सांस की समस्याएं बढ़ जाती हैं।
  • संक्रमण का असर किडनी और अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है, जिसे गंभीर खतरे वाला माना जाता है।
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चूहों के निकट संपर्क से बचना जरूरी - फोटो : Freepik.com
कैसे करें इससे बचाव?

हंटावायरस संक्रमण को ठीक करने के लिए अभी तक कोई खास इलाज या दवा नहीं है। हालांकि इसके लक्षणों और संक्रमण के कारण अंगों को होने वाली क्षति को रोकने के लिए उपचार दिया जाता है।

मरीजों को इलाज के लिए ऑक्सीजन, आईसीयू की जरूरत हो सकती है। लेकिन अगर समय पर इलाज न मिले तो संक्रमण के बढ़ने और गंभीर रूप लेने का खतरा बढ़ जाता है।

इस बीमारी की रोकथाम के लिए चूहों और उनके मल-मूत्र से दूर रहने की सलाह दी जाती है। सफाई करते समय ग्लव्स पहनें और ब्लीच का इस्तेमाल करें। जहां चूहे ज्यादा हों वहां पर साफ-सफाई के लिए झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे वायरस हवा में फैल सकता है और संक्रमण फैला सकता है।



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स्रोत
What Is Hantavirus?


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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