World Thalassaemia Day: थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में फैलता है। ऐसे में हर किसी को इसके बारे में सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है। ये लेख इसमें आपकी मदद करेगा।
World Thalassaemia Day: थैलेसीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में पहुंचता है। यह बीमारी शरीर में हीमोग्लोबिन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है, जिससे शरीर में खून की कमी होने लगती है। कई बार लोगों को लंबे समय तक इस बीमारी की जानकारी ही नहीं हो पाती, जिसके कारण इलाज में देरी और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती पहचान से मरीज बेहतर जीवन जी सकता है। यही वजह है कि हर साल विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है। अगर आपको इसके बारे में नहीं पता तो इसमें ये लेख आपकी मदद करेगा।
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विश्व थैलेसीमिया दिवस
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क्या है थैलेसीमिया?
थैलेसीमिया एक आनुवंशिक (Genetic) रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला तत्व है, जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इस बीमारी के कारण मरीज को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है। यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में जीन के जरिए फैलती है।
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विश्व थैलेसीमिया दिवस
- फोटो : Freepik.com
थैलेसीमिया के प्रमुख लक्षण
शरीर में लगातार कमजोरी और थकान
चेहरे का पीला पड़ना
बच्चों का शारीरिक विकास धीमा होना
सांस लेने में परेशानी
बार-बार चक्कर आना
पेट या तिल्ली में सूजन
हड्डियों में कमजोरी
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विश्व थैलेसीमिया दिवस
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कब मनाया जाता है वर्ल्ड थैलेसीमिया डे?
हर साल 8 मई को विश्व थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में लोगों को थैलेसीमिया के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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विश्व थैलेसीमिया दिवस
- फोटो : अमर उजाला
क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड थैलेसीमिया डे?
इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को थैलेसीमिया की गंभीरता, समय पर जांच, इलाज और बचाव के प्रति जागरूक करना है। इसके अलावा यह दिन उन मरीजों और परिवारों को समर्थन देने के लिए भी मनाया जाता है जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से इस बीमारी के मामलों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
साल 2026 में विश्व थैलेसीमिया दिवस की थीम है: “अब छिपे नहीं: बिना पहचान वाले मरीजों को खोजें, अनदेखे लोगों को सहयोग दें।” यह थीम उन लाखों लोगों पर फोकस करती है जिन्हें थैलेसीमिया है लेकिन अब तक बीमारी की पहचान नहीं हो पाई है। इसका उद्देश्य समय पर जांच, सही इलाज और सभी लोगों तक समान स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए जागरूकता बढ़ाना है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।