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कोरोनाकाल में बढ़ गया है इन बीमारियों का खतरा, न करें नजरअंदाज

Tue, 25 May 2021 07:18 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सही समय पर चिकित्सक को दिखा भी दें - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole

डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन

संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर

डिग्री- एम.बी.बी.एस

अनुभव- 28 वर्ष

कोरोनाकाल में लोगों को घर बैठे कई सारी बीमारियां लग गई है, इसके पीछे कारण है दिनचर्या, आहार और परिस्थितियां लेकिन कई बार लोग बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है क्योंकि ऐसा करने पर बीमारी आगे चलकर और भी बड़ा रूप ले लेती है जिससे कि बहुत परेशान होना पड़ता है इसलिए यदि आपके शरीर में कोई भी बदलाव या समस्या हो रही है तो उसपर ध्यान दें और सही समय पर चिकित्सक को दिखा भी दें। अगली स्लाइड्स से जानिए कोरोनाकाल में कौनसी बीमारियां बढ़ गई हैं। 

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मरीजों को खाना खाने में तक भी समस्या हो रही है - फोटो : Pixabay

दांतों से जुड़ी समस्याएं
कोरोनाकाल में दांतों से जुड़ी समस्याएं बढ़ गई हैं क्योंकि लोग अपने तय अपॉइंटमेंट पर अस्पतालों में दंत विशेषज्ञों को दिखाने के लिए जा नहीं रहे हैं जिसके चलते उन्हें समस्याएं और बढ़ रही हैं। कई सारे लोग दांतों में गंदगी का बढ़ना, दर्द आदि की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जिसका परिणामस्वरूप वे आगे चलकर और भी बढ़ चुकी हैं। जिसके चलते ऐसे मरीजों को खाना खाने में तक भी समस्या हो रही है। 

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पहले लोग मानसिक रूप से इतना परेशान नहीं थे - फोटो : Pixabay

मानसिक सेहत से जुड़ी
कोरोना के आने से पहले लोग मानसिक रूप से इतना परेशान नहीं थे लेकिन कोरोना के साथ ही धीरे-धीरे मानसिक स्वास्थ्य के मामलों में भी वृद्धि होने लगी और चिकित्सकों के अनुसार दूसरी लहर के बाद तो यह बहुत ही बढ़ गए। लोगों ने भय और चिंता को अपनाकर अपने मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ लिया है। कोरोना होने पर कई लोग इतना घबराने लगे कि उन्होंने अपना आत्मबल ही खो दिया जिसका सीधा प्रभाव मानसिक सेहत पर पड़ा है। 

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एक नई समस्या को जन्म दे डाला - फोटो : iStock

गर्दन और पीठ का दर्द
कोरोना के चलते लोगों ने खूब वर्क फ्रॉम होम किया जिसने एक नई समस्या को जन्म दे डाला। लंबे समय तक एक जैसेे काम करने से कई लोगों को गर्दन और पीठ दर्द की समस्याएं होने लगीं। घर पर काम करने के लिए एक ठीक जगह और बैठक न मिल पाने, खुद के प्रति लापरवाही बरतने से समय के साथ यह समस्याएं और भी अधिक बढ़ती जा रही हैं। 

 

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चिंता करने पर यह समस्या और बढ़ती ही है - फोटो : getty images
बालों का झड़ना
कोरोनाकाल में बालों के झड़ने की समस्या भी खूब सामने आई है और इसकी शिकायत पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक है और इसका कारण तनाव के रूप में सभी के सामने स्पष्ट है। जहां सामान्य व्यक्ति के एक दिन में लगभग 100 बाल झड़ते हैं वहीं तनाव लेने वाले लोगों के एक समय पर एक दिन में 300 तक बाल गिरने लगते हैं। बालों के गिरने की चिंता करने पर यह समस्या और बढ़ती ही है इसलिए समय पर सब छोड़ देना ही ठीक है। 

नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 


 
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