Medically Reviewed by-
डॉ सत्यकांत त्रिवेदी
मनोरोग विशेषज्ञ
बंसल हॉस्पिटल, भोपाल
देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाला है। वायरस ने लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभावित किया है। दूसरी लहर में संक्रमण के कारण फेफड़ों और हृदय संबंधी रोगों में बढ़ोतरी के साथ कई लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर देखा जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में मौत के काफी ज्यादा मामले देखे गए। अपने आसपास लोगों को मरते देख और चारो तरफ फैली नकारात्मकता का असर स्पष्टतौर पर लोगों में तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ेपन के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे समय में लोगों को अपने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
इससे संबंधित हालिया रिपोर्ट्स में चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक दूसरी लहर में एंटी-डिप्रेशन की दवाइयों के सेवन में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी देखी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि अवसाद और तनाव से ग्रसित लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। आइए इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों से विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।