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World Health Day: अक्सर बनी रहती है थकान की समस्या? कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

Sun, 07 Apr 2024 11:16 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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थकान-कमजोरी की समस्या - फोटो : istock
दिनभर ऑफिस में काम करने, व्यायाम के बाद या फिर ज्यादा देर तक खड़े रहने-चलने के बाद थकान होना सामान्य है। शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण इस तरह की दिक्कत होती है, पर क्या आपको अक्सर ही थकान-कमजोरी बनी रहती है? इतना ही नहीं आराम करने के बाद या सुबह बिस्तर से उठने के बाद भी थकान का अनुभव होता रहता है?

अगर हां, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ये शरीर में कुछ प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है, जिसपर समय रहते ध्यान दिया जाना जरूरी हो जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर थकान-कमजोरी बने रहना कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों में होने वाला सामान्य लक्षण है। कुछ स्थितियों में ऐसी दिक्कतें लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण भी हो सकती हैं। इसलिए अगर आपको अक्सर ही थकान रहती है तो डॉक्टर से मिलकर समस्या का सही निदान और उपचार करना बहुत आवश्यक हो जाता है।
 
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थकान की दिक्कत क्यों होती है - फोटो : iStock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में नोएडा स्थित अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर निरंजन भार्गव बताते हैं, यदि आप अत्यधिक थकान महसूस करते रहते हैं या अक्सर ऊर्जा की कमी महसूस होती रहती है, तो आप अकेले नहीं हैं। थकान की दिक्कत कुछ साधारण कारकों जैसे नींद की कमी या सर्दी-फ्लू के कारण हो सकती है। वहीं कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों में भी लोग इस तरह की शिकायत करते रहते हैं।

आध्यात्मिक एवं ध्यान गुरु अर्चिका सुधांशु कहती हैं, शरीर को आराम देने के लिए हम सभी को विश्राम करने का तरीका सीखने की आवश्यकता है। विश्राम तकनीक में मांसपेशियों और दिमाग को आराम महसूस कराने पर ध्यान दिया जाता है। विश्राम का अर्थ केवल स्थिर बैठ कर मांसपेशियों को आराम देना ही नहीं है, अपितु श्वांस तकनीक के सहारे मस्तिष्क को शांत करना भी है।

आइए जानते हैं कि किन कारणों से आपको आराम करने के बाद या बिना मेहनत के भी थकान की दिक्कत होती रह सकती है?
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नींद न आने की समस्या - फोटो : istock
नींद विकारों का संकेत

पर्याप्त नींद लेना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। दुर्भाग्य से, हममें से बहुतों के लिए ये काफी कठिन होता जा रहा है। नींद के दौरान हमारा शरीर कुछ प्रकार के हार्मोंन्स उत्पादित करता है जो  कोशिकाओं की मरम्मत और उन्हें पुनर्जीवित करने, मस्तिष्क को शांति दिलाने में मदद करती हैं। यही कारण है कि सुबह उठने के बाद हम तरोताजा महसूस करते हैं।

हालांकि जिन लोगों को नींद न आने की समस्या जैसे अनिद्रा या स्लीप एपनिया की दिक्कत है उन्हें सोकर उठने पर भी थकान बनी रहती है। 

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मानसिक स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : istock
तनाव-मानसिक स्वास्थ्य की समस्या

नींद न पूरी होने का मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है। ये तनाव-चिंता और अवसाद के जोखिमों को बढ़ा देती है। तनाव की समस्या वाले लोगों में थकान-कमजोरी के साथ कई और तरह की दिक्कतें भी हो सकती हैं। वास्तव में, क्रोनिक तनाव की समस्या और इसके कारण बनी रहने वाली थकावट गंभीर दिक्कत है जिसपर समय रहते ध्यान देना और उपचार प्राप्त करना जरूरी हो जाता है।

तनाव पर ध्यान न देने की स्थति में डिप्रेशन जैसी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का भी जोखिम हो सकता है। 
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डायबिटीज की समस्या और थकान - फोटो : istock
इन अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं पर भी दें ध्यान

अक्सर थकान की बनी रहने वाली समस्या कुछ प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का भी संकेत हो सकती है। स्लीप एप्निया, हाइपोथायरायडिज्म, क्रोनिक फटीग सिंड्रोम, किडनी की बीमारियों, मधुमेह जैसी बीमारियों में भी आपको लगातार थकावट महसूस होती रह सकती है। यदि आप बार-बार थकान का अनुभव करते हैं, तो किसी विशेषज्ञ से मिलकर इसके कारणों का सही निदान करा लेना जरूरी है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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