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Bird Flu In Human: पहली बार गायों और गाय से इंसानों में फैला H5N1 संक्रमण, वैज्ञानिक बोले-ये कोरोना से भी घातक

Sat, 06 Apr 2024 03:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गायों में देखे गए बर्ड फ्लू के केस - फोटो : PTI
दिसंबर 2019 से चली आ रही कोरोना महामारी को चार साल से अधिक का समय बीत गया है, हालांकि ये कब तक जारी रहेगा इसको लेकर वैज्ञानिक स्पष्ट नहीं हैं। कुछ अध्ययनों में कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस में समय-समय पर म्यूटेशन हो रहा है जिससे नए वैरिएंट्स का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में सभी लोगों को संक्रमण से बचाव को लेकर निरंतर सावधानी बरतते रहना जरूरी है। वैक्सीनेशन और हर्ड इम्युनिटी के कारण भले ही अब संक्रमण के गंभीर मामले कम देखे जा रहे हैं पर कोविड-19 और इसके कारण होने वाले स्वास्थ्य जोखिम अब भी बड़ी चिंता का कारण बने हुए हैं।

मसलन कोरोना के खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है, इसी बीच वैज्ञानिकों ने एक हालिया रिपोर्ट में अमेरिका में बढ़ते एक और अति संक्रामक रोग को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। पिछले दिनों अमेरिका में कुछ लोगों और मवेशियों में बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) संक्रमण के मामले सामने आने के बाद विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है।

एच5एन1 के संक्रमण को इंसानों के लिए गंभीर रोगकारक और घातक माना जाता रहा है। इतना ही नहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों में एच5एन1 का संक्रमण कोरोना के कई गुना घातक हो सकता है। 
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बर्ड फ्लू का खतरा - फोटो : PTI
कोरोना से ज्यादा खतरनाक है बर्ड फ्लू
 
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कहा-
बर्ड फ्लू में एक विनाशकारी महामारी पैदा करने की क्षमता है जो कि कोविड से 100 गुना अधिक भयानक हो सकती है। एक तरफ जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक अज्ञात डिजीज एक्स से मुकाबले की तैयारी में लगे हुए हैं, वहीं एच5एन1 के इंसानों में बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है।

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने अपनी वेबसाइट पर एक रिपोर्ट जारी की जिसमें टेक्सास में अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के प्रकोप के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।  
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कोरोना का खतरा - फोटो : iStock
संक्रमित गायों से इंसान में संक्रमण

सीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार टेक्सास में संक्रमित पाया गया व्यक्ति संभवतः बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित गायों के साथ काम करता था। यह पहली बार है कि जब ये वायरस गायों में पाया गया है और यह गाय से इंसान में बर्ड फ्लू फैलने का भी ये पहला मामला है। संक्रमित की जांच की रिपोर्ट की लेकर सीडीसी विशेषज्ञों ने बताया, रोगी में इन्फ्लूएंजा वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। इस व्यक्ति के शरीर में देखा गया वायरस लगभग वैसा ही है जैसा टेक्सास में गायों और पक्षियों में पाया गया है। 

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एच5एन1 और इसके जोखिम कारक - फोटो : iStock
एच5एन1 के संक्रमण को लेकर अलर्ट

गौरतलब है कि इसके पहले की रिपोर्ट्स में भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि एच5एन1 का कोई भी मामला चिंताजनक हो सकता है क्योंकि यह इंसानों के लिए बेहद खतरनाक है। फिलहाल इस वायरस के संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने का कोई संकेत नहीं है। अमेरिका में इस उभरती और तेजी से विकसित होती समस्या का सीडीसी बारीकी से अध्ययन कर रहा है।

विशेषज्ञों ने कहा- प्रभावित स्थानों पर लोगों को इस रोग से बचाव को लेकर अलर्ट रहना जरूरी है। जंगली पक्षियों, मुर्गी, अन्य पालतू पक्षियों और पालतू जानवरों (गायों सहित) से निकट संपर्क से बचना चाहिए। 
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बर्ड फ्लू और इसका खतरा - फोटो : Pixabay
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए इन बातों का भी ध्यान रखें

सीडीसी ने बताया बर्ड फ्लू के गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं इसलिए जरूरी है कि आप इसके खतरों से लगातार बचाव करते रहें। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
  • जानवरों के मल, बिस्तर, कच्चे दूध या ऐसी सामग्रियों के असुरक्षित संपर्क से बचना चाहिए जिनका संदिग्ध पक्षियों या अन्य जानवरों से संपर्क हुआ हो सकता है।
  • H5N1 बर्ड फ्लू वायरस संक्रमण वाले संभावित जानवरों के मांस के सेवन से बचें।
  • दूध को अच्छे से उबाल कर ही इसका सेवन किया जाना चाहिए। इससे  इन्फ्लूएंजा वायरस को मारने में मदद मिल सकती है।
  • जिन इलाकों में मुर्गी पालन होता है वहां पर जाने से बचा जाना चाहिए।

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स्रोत और संदर्भ
Human Infection with Highly Pathogenic Avian Influenza A(H5N1) Virus in Texas

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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