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बारिश का मौसम आते ही हो सकती हैं ये घातक बीमारियां, हो जाएं सावधान

Mon, 14 Jun 2021 02:56 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बारिश के मौसम मेंं हम घर के बड़े- बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें - फोटो : PTI

Medically reviewed by Dr. Vishesh Akole

डॉ विशेष अकोले, जनरल फिजिशियन

संत रविदास हॉस्पिटल, इंदौर

डिग्री- एम.बी.बी.एस

अनुभव- 28 वर्ष

गर्मियों के बाद बारिश के मौसम का सभी को इंतजार होता है। बारिश आते ही वातावरण बहुत अच्छा हो जाता है। बरसात होने पर हमें राहत तो मिलती है लेकिन बारिश अपने साथ मुसीबतें भी लेकर आती है क्योंकि इस मौसम के शुरू होते ही कई लोग बीमार पड़ने लगते हैं। जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनपर तो इसका प्रभाव खूब जल्दी पड़ता ही है। बहुत जरूरी है कि बारिश के मौसम मेंं हम घर के बड़े- बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। इस मौसम में होने वाली बीमारियों के प्रति आप सामान्य रवैया नहीं रख सकते हैं क्योंकि आपकी थोड़ी सी लापरवाही भी आपके लिए कोई बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है। अगली स्लाइड्स से चिकित्सक से जानिए कि इस मौसम में सेहत का ध्यान न रखने पर कौनसी बीमारियां हो सकती हैं। 

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पानी उबालकर पीना शुरू करें - फोटो : Social media

हैजा
बारिश के मौसम में अक्सर पीने का पानी भी दूषित आता है। दूषित जल के लंबे समय तक एक जगह इकट्ठा होने पर भी बीमारियां होती हैं। हैजा होने पर दस्त, उल्टियां, पेट में दर्द आदि समस्याएं हो सकती हैं। हैजा होने पर बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतना चाहिए क्योंकि यदि समस्या बढ़ी तो जान पर बन सकती है इसलिए बारिश के मौसम के शुरू होते ही पानी उबालकर पीना शुरू करें और घर के आस-पास पानी एकत्र न होने दें। 

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अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें - फोटो : iStock

चिकनगुनिया
बारीश होने पर मच्छर बढ़ जाते हैं। मच्छरों के बढ़ने पर कई बीमारियां जन्म ले लेती हैं जिनमें से चिकनगुनिया एक है। चिकनगुनिया का शरीर पर लंबे समय तक प्रभाव रहता है। इसके होने पर शरीर टूटने लगता है, बुखार आता है और भी कई सारे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। एक सप्ताह में बीमारी के पूरे लक्षण सामने आ जाते हैं। ऐसे में चिकित्सक को दिखाएं और अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें।

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डीडीटी का छिड़काव जरूर से करवाएं - फोटो : self

मलेरिया
बारिश होते ही लोगों को मलेरिया भी होने लगता है। मादा एनिफिलीज मच्छर के काटने से यह रोग होता है। मलेरिया होने पर लापरवाही बरतना अर्थात खुद की जान को जोखिम में डालने जैसा है। मलेरिया से बचने के लिए बहुत जरूरी है कि खुद की मच्छरों से सुरक्षा की जाए। घर के आसपास जल का जमाव न होने दें। जहां पर गंदगी होती है, वहां पर डीडीटी का छिड़काव जरूर से करवाएं। 

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जुकाम-बुखार - फोटो : freepik

बुखार और जुकाम
थोड़ी सी बारिश होने पर ही बुखार-जुकाम होना तो आम बात है लेकिन इनके प्रति लापरवाही नहीं बरतें क्योंकि इससे आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। कोशिश करें कि बारिश में बिल्कुल न भीगें। थोड़े से भी यदि भीग गए हैं तो तुरंत गीले कपड़े बदल लें। यदि लंबे समय आप ऐसे ही बैठे रहेंगे तो आपको तो जुकाम- बुखार हो ही सकता है। आप घर के अन्य लोगों को भी बीमार कर सकते हैं। 

नोट- यह लेख संत रविदास हॉस्पिटल के डॉक्टर विशेष अकोले से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर विशेष अकोले पिछले 28 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री जी.एस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उत्तर प्रदेश से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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