आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में कई प्रकार की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। फेफड़ों की समस्याएं उनमें से एक हैं। स्वाथ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और गलत जीवनशैली ने फेफड़ों को कमजोर कर दिया है। इसके कारण कम उम्र के लोगों में अस्थमा, फेफड़ों में संक्रमण जैसी कई प्रकार की समस्याएं बढ़ती जा रही है। पल्मोनरी फाइब्रोसिस भी ऐसी ही एक बीमारी है, जो धीरे-धीरे एक बड़ी आबादी को अपना शिकार बनाती जा रही है।
विशेषज्ञों ने एक हालिया अध्ययन में पाया है कि फेफड़ों की इस समस्या को अनदेखा करना या इसका इलाज न कराना गंभीर दिक्कतों का कारण तो बनता ही है साथ ही इसके चलते अंधेपन का भी जोखिम बढ़ सकता है।
ब्रिटेन में डॉक्टर्स की एक टीम ने बताया कि पल्मोनरी फाइब्रोसिस से पीड़ितों को आमतौर पर सांस लेने में तकलीफ, सूखी खांसी, थकान-कमजोरी और हाथ-पैरों की उंगलियों में जकड़न महसूस होती है। हालांकि इसके एक लक्षण से दुनिया अब भी अनजान है। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न हो पाए तो यह अंधापन का कारण बन सकती है।