फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prostate Cancer: पुरुषों में होने वाले इस घातक कैंसर को लेकर सामने आई बड़ी जानकारियां, आप भी जानिए

Tue, 15 Jul 2025 07:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एक अनुमान के अनुसार साल 2040 तक प्रोस्टेट कैंसर के लगभग 24 लाख नए मामले सामने आ सकते हैं और इसके कारण 7.12 से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है।
  • ऑस्ट्रेलिया के प्रोस्टेट कैंसर फाउंडेशन ने प्रोस्टेट कैंसर का शीघ्र पता लगाने के लिए नैदानिक दिशानिर्देश जारी किए हैं। आप भी जानिए
विज्ञापन
1 of 5
प्रोस्टेट कैसर का जोखिम - फोटो : Adobe stock
वैश्विक स्तर पर पुरुषों में जिन कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा देखा जाता रहा है, प्रोस्टेट कैंसर उनमें से एक है। ये दुनियाभर में पुरुषों में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। साल 2022 में, प्रोस्टेट कैंसर के 14 लाख से  ज्यादा नए मामले सामने आए और लगभग 4 लाख लोगों की इससे मौत हो गई। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि आने वाले दशकों में प्रोस्टेट कैंसर के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोझ और भी बढ़ने की आशंका है। अनुमानों के अनुसार 2040 तक लगभग 24 लाख मामले सामने आ सकते हैं और इसके कारण 7.12 से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है।

यह कैंसर प्रोस्टेट ग्रंथि में शुरू होता है, जो पुरुष प्रजनन प्रणाली का एक हिस्सा है। अधिकतर मामलों में यह धीरे-धीरे विकसित होता है, लेकिन कुछ प्रकार आक्रामक भी हो सकते हैं। इसलिए समय पर पहचान और बचाव बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी पुरुषों को कम उम्र से ही इस कैंसर से बचाव के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को प्रोस्टेट या किसी अन्य प्रकार का कैंसर रहा है उन्हें विशेष सावधानी और सतर्कता बरतनी चाहिए। कहीं आप भी इस कैंसर का शिकार न हो जाएं? 
विज्ञापन

2 of 5
प्रोस्टेट कैंसर का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe stock photos
प्रोस्टेट कैंसर और इसकी जांच

इसी को लेकर एक हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों की टीम ने इस कैंसर का पता लगाने को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। 

प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए वर्तमान में ब्लड टेस्ट किया जाता है। यह रक्त में प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन (पीएसए) मात्रा को मापने का टेस्ट है, जो प्रोस्टेट ग्रंथि द्वारा निर्मित एक प्रोटीन है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आमतौर पर पीएसए की बढ़ी हुई मात्रा को प्रोस्टेट कैंसर का संकेतक माना जाता रहा है और इस ब्लड टेस्ट की मदद से यही पता किया जाता है। हालांकि इसका दूसरा पहलू ये भी है कि प्रोस्टेट का आकार बढ़ने या इंफ्लेमेशन जैसी स्थितियों के कारण भी पीएसए का स्तर कई लोगों में बढ़ जाता है। ऐसे में ये टेस्ट कितना प्रभावशाली और विश्वसनीय है, इसपर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
प्रोस्टेट कैंसर के लिए टेस्ट - फोटो : Freepik.com
प्रोस्टेट कैंसर के नए दिशानिर्देश

इसी संबंध में अब ऑस्ट्रेलिया के प्रोस्टेट कैंसर फाउंडेशन ने प्रोस्टेट कैंसर का शीघ्र पता लगाने के लिए नैदानिक दिशानिर्देश जारी किए हैं। 

विशेषज्ञों ने कहा, अन्य कैंसर प्रकारों की तरह, प्रोस्टेट कैंसर भी जीन की खराबी के कारण होने वाली एक बीमारी है जिससे ट्यूमर का विकास होता है। जिन पुरुषों के परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास रहा है, उनमें आनुवंशिक संवेदनशीलता के कारण प्रोस्टेट कैंसर होने और इससे मृत्यु का खतरा लगभग तीन गुना अधिक होता है।

4 of 5
प्रोस्टेट कैंसर के लिए जांच - फोटो : Freepik.com
पीएसए टेस्ट को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

पीएसए परीक्षण को लेकर विवाद यह है कि यह कम जोखिम वाले प्रोस्टेट कैंसर का भी निदान कर सकता है जिसके गंभीर रूप लेने का खतरा कम होता है। इसके अलावा कई बार इसके रिपोर्ट भी गलत हो सकते हैं। ऐसे में गलत इलाज के कारण स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है। इसलिए पहले चिकित्सकों को पहले स्थिति पर विस्तार से विचार करना चाहिए। 

नई गाइडलाइंस के तरत सभी पुरुषों को 40 वर्ष की आयु में एक 'बेसलाइन' पीएसए परीक्षण की सलाह दी गई है। 40 वर्ष की उम्र में प्रारंभिक परीक्षण की मदद से पीएसए डबलिंग टाइम का पता लगाने में मदद मिल सकती है, जो ये पता लगाने में मदद करता है कि अगले कितने महीनों में पीएसए का स्तर बढ़ सकता है? इसके साथ डॉक्टर्स को सलाह दी गई है कि निदान के लिए रोगी की स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रोस्टेट कैंसर और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
प्रोस्टेट कैंसर को लेकर किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी

वैश्विक स्तर पर प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में दूसरा सबसे आम कैंसर है। भारत में भी, खासकर शहरी इलाकों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। कुछ लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है जिसको लेकर सावधानी बहुत जरूरी है। 
  • 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में इसका खतरा तेजी से बढ़ता है।
  • जिन पुरुषों के पिता या भाई को प्रोस्टेट कैंसर रहा है, उन्हें ये होने का खतरा दो से तीन गुना अधिक होता है।
  • जीन में परिवर्तन से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
  • उच्च वसा वाला भोजन, रेड मीट का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी खतरे को बढ़ा सकती है


------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें