मानसून का समय आते ही दुनियाभर में अर्बोवायरल रोगों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। हर साल इन बीमारियों के कारण हजारों लोगों की मौत हो जाती है। अर्बोवायरल रोग, उन वायरल बीमारियों को कहा जाता है जो संक्रमित कीटों मुख्यतः मच्छरों और टिक्स के काटने से मनुष्यों में फैलता है। ये रोग हल्के बुखार और चकत्ते से लेकर इंसेफेलाइटिस और रक्तस्रावी बुखार जैसी गंभीर तंत्रिका संबंधी जटिलताओं तक का कारण बनते हैं।
डेंगू, पीत ज्वर (येलो फीवर) जीका और चिकनगुनिया जैसे रोग देश में सबसे आम प्रकार के अर्बोवायरल रोग हैं।
इस बीमारियों के शिकार लोगों के उपचार के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन
(डब्ल्यूएचओ) ने पहली बार 'ग्लोबल क्लिनिकल गाइडलाइन' जारी की है। डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अर्बोवायरल रोग मुख्यरूप से एडीज मच्छरों द्वारा फैलते हैं। वैश्विक स्वास्थ्य के लिए ये एक बढ़ता हुआ खतरा हैं, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और बढ़ती मानव गतिशीलता के संदर्भ में।
दुनिया भर में 5.6 बिलियन (560 करोड़) से अधिक लोगों को अर्बोवायरल संक्रमण का खतरा है, इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों के पास इन बीमारियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने और इलाज प्रदान करने को लेकर गाइडलाइंस होनी चाहिए।