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Prostate Cancer: कहीं आप भी न हो जाएं प्रोस्टेट कैंसर का शिकार? ये बातें जान गए तो कम कर सकते हैं खतरा

Thu, 22 May 2025 10:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Prostate cancer: ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में हर साल प्रोस्टेट कैंसर के 1.4 मिलियन (14 लाख) से अधिक नए केस सामने आते हैं। ब्रिटेन में हर दिन प्रोस्टेट कैंसर से करीब 33 लोगों की मौत हो जाती है। प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम किन लोगों को ज्यादा होता है, किस उम्र के बाद आशंकाएं और बढ़ जाती हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रोस्टेट कैंसर और इसका खतरा - फोटो : Adobe stock photos
Prostate cancer: कैंसर के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। इसे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी मानने की भूल न करें, बच्चे भी कैंसर का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर का शिकार पाए गए हैं। ये पुरुषों में होने वाले सबसे आम प्रकार का कैंसर है, जिसके मामले पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी पुरुषों को कम उम्र से ही इस कैंसर से बचाव के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को प्रोस्टेट या किसी अन्य प्रकार का कैंसर रहा है उन्हें विशेष सावधानी और सतर्कता बरतनी चाहिए। कहीं आप भी इस कैंसर का शिकार न हो जाएं? 

प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम किन लोगों को ज्यादा होता है, किस उम्र के बाद आशंकाएं और बढ़ जाती हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम - फोटो : Adobe stock photos
दुनियाभर में बढ़ रहा है खतरा

ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में हर साल प्रोस्टेट कैंसर के 1.4 मिलियन (14 लाख) से अधिक नए केस सामने आते हैं। ब्रिटेन में हर दिन प्रोस्टेट कैंसर से करीब 33 लोगों की मौत हो जाती है। 50 वर्ष की उम्र के बाद इस बीमारी की आशंका और बढ़ जाती है।

यह कैंसर प्रोस्टेट ग्रंथि में शुरू होता है, जो पुरुष प्रजनन प्रणाली का एक हिस्सा है। अधिकतर मामलों में यह धीरे-धीरे विकसित होता है, लेकिन कुछ प्रकार आक्रामक भी हो सकते हैं। इसलिए समय पर पहचान और बचाव बेहद जरूरी है।
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प्रोस्टेट कैंसर के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
किन लोगों को रहना चाहिए विशेष सावधान?

वैश्विक स्तर पर प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में दूसरा सबसे आम कैंसर है। भारत में भी, खासकर शहरी इलाकों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। कुछ लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है जिसको लेकर सावधानी बहुत जरूरी है। 
  • 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में इसका खतरा तेजी से बढ़ता है।
  • जिन पुरुषों के पिता या भाई को प्रोस्टेट कैंसर रहा है, उन्हें ये होने का खतरा दो से तीन गुना अधिक होता है।
  • जीन में परिवर्तन से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
  • उच्च वसा वाला भोजन, रेड मीट का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी खतरे को बढ़ा सकती है।

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प्रोस्टेट कैंसर के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
कहीं आप भी तो नहीं हो गए हैं शिकार? 

प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है इसके लक्षण स्पष्ट होते जाते हैं।
  • बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में।
  • पेशाब करने में परेशानी या दर्द, मूत्र में खून आना
  • पीठ, कूल्हों या जांघों में दर्द रहना कैंसर का लक्षण हो सकता है।  इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
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कैंसर से बचाव कैसे करें? - फोटो : Adobe Stock
कैंसर से बचाव कैसे करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोस्टेट कैंसर की पूरी तरह से रोकथाम नहीं की जा सकती, लेकिन कुछ आदतें अपनाकर खतरा कम किया जा सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम करने के लिए प्रोसेस्ड मीट खाने से परहेज करें। इसके अलावा दूध और डेयरी प्रोडक्ट से बचने की सलाह भी दी जाती है। शराब का सेवन करने वाले प्रोस्टेड कैंसर के मरीजों को इसे तुरंत छोड़ देना ही ठीक होगा। ज्यादा चीनी और मसालेदार चीजें भी प्रोस्टेड कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है। आहार में फल-सब्जियों को शामिल करें।




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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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